लखनऊ (राजधानी न्यूज): लखनऊ के सरोजनी नगर तहसील में शनिवार को आयोजित ‘संपूर्ण समाधान दिवस’ उस समय हंगामे की भेंट चढ़ गया, जब अली नगर खुर्द के सैकड़ों ग्रामीणों ने बिल्डर प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। उत्तर प्रदेश क्रांति किसान यूनियन के बैनर तले एकजुट हुए ग्रामीणों ने ओमेक्स सिटी (Omaxe City) प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाजी की और विरोध प्रदर्शन किया।
यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष विजय यादव के नेतृत्व में दोपहर करीब 12:30 बजे ग्रामीण तहसील परिसर पहुंचे। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि बिल्डर द्वारा उनकी निजी जमीनों पर जबरन कब्जा किया जा रहा है और पुश्तैनी मकानों को खाली करने के लिए उन पर मानसिक दबाव बनाया जा रहा है।

रास्ते बंद करने और श्मशान की भूमि कब्जाने का आरोप
ग्रामीणों ने समाधान दिवस में अधिकारियों के सामने अपनी पीड़ा रखते हुए कई चौंकाने वाले खुलासे किए:
रास्ते पर टीन शेड: विजय सिंह यादव ने बताया कि कंपनी के लोग ग्रामीणों के घरों के सामने गड्ढे खोदकर लोहे की टीन शेड वाली बाउंड्री वॉल खड़ी कर रहे हैं, जिससे लोगों का आना-जाना पूरी तरह बंद हो गया है।
ग्राम समाज की भूमि: ग्रामीणों का दावा है कि बिल्डर ने ग्राम समाज की उस जमीन पर भी कब्जा कर लिया है जो राजस्व रिकॉर्ड में श्मशान के लिए दर्ज है।
किसान पथ पर अंधेरा: प्रदर्शनकारियों ने किसान पथ की सर्विस लेन पर स्ट्रीट लाइट न होने का मुद्दा भी उठाया, जिससे रात के समय सुरक्षा का गंभीर संकट बना रहता है।

एसडीएम का आश्वासन: “जांच कर होगी सख्त कार्रवाई”
करीब एक घंटे तक चले हंगामे और अफरा-तफरी के माहौल के बाद एसडीएम अंकित शुक्ला ने प्रदर्शनकारियों से मुलाकात की। उन्होंने ग्रामीणों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए राजस्व टीम को मौके पर जाकर पैमाइश करने और जांच रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए। एसडीएम ने भरोसा दिलाया कि यदि अवैध कब्जे की पुष्टि होती है, तो उसे तुरंत हटवाया जाएगा और दोषियों पर कार्रवाई होगी।
इसके अलावा, शाहपुर मझिगवां के ग्रामीणों ने भी बंजर भूमि (गाटा संख्या 221 व 222) पर दोबारा अवैध निर्माण किए जाने की शिकायत दर्ज कराई, जिस पर संबंधित अधिकारियों को त्वरित जांच के आदेश दिए गए हैं।



