लखनऊ (राजधानी न्यूज):उत्तर प्रदेश शासन ने गुरुवार देर रात प्रशासनिक अमले में फेरबदल करते हुए प्रांतीय सिविल सेवा (PCS) संवर्ग के 9 वरिष्ठ अधिकारियों का तबादला कर दिया है. इस नई ट्रांसफर लिस्ट में दो अधिकारियों का महज 15 दिनों के भीतर दूसरी बार तबादला होना प्रशासनिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है. शासन द्वारा जारी सूची के अनुसार, कानपुर और वाराणसी जैसे बड़े नगर निगमों के अपर नगर आयुक्तों सहित कई जिलों के उपजिलाधिकारियों (SDM) और एडीएम (ADM) की जिम्मेदारी में बदलाव किया गया है.
15 दिन में दो बार ट्रांसफर: अमृता सिंह को मिली मनचाही पोस्टिंग
तबादला सूची में सबसे दिलचस्प मामला पीसीएस अधिकारी अमृता सिंह और अनूप कुमार का है, जिनके कार्यक्षेत्र में 15 दिन के भीतर दो बार बदलाव हुआ है.
- अमृता सिंह बनीं एडीएम अमेठी: कानपुर नगर निगम की अपर नगर आयुक्त अमृता सिंह को उनके पद पर जॉइन करने के महज 15 दिन के भीतर ही हटा दिया गया है. उन्हें अब अमेठी जिले का अपर जिलाधिकारी यानी एडीएम (न्यायिक) नियुक्त किया गया है. सूत्रों के मुताबिक, बीती 14 मई को ही उन्हें रायबरेली से कानपुर भेजा गया था. चूंकि वे गृह जनपद रायबरेली के आसपास ही तैनाती चाहती थीं, इसलिए रायबरेली से सटे अमेठी जिले में उनकी यह पोस्टिंग उनकी इच्छा के अनुरूप मानी जा रही है.
- अनूप कुमार वाराणसी से कानपुर शिफ्ट: कानपुर में अमृता सिंह के हटने के बाद रिक्त हुए अपर नगर आयुक्त के पद को संभालने के लिए वाराणसी नगर निगम के अपर नगर आयुक्त अनूप कुमार को भेजा गया है. अनूप कुमार को भी अभी बीते 15 मई को ही बनारस भेजा गया था. इस तरह इन दोनों अफसरों का पासा 15 दिनों के भीतर दोबारा पलट गया.
प्रयागराज, मिर्जापुर और बलिया के प्रशासनिक अधिकारी बदले
शासन की सूची के अनुसार कई अन्य महत्वपूर्ण जनपदों के अधिकारियों को भी नई तैनाती दी गई है:
- विनोद कुमार सिंह मिर्जापुर भेजे गए: प्रयागराज के नगर मजिस्ट्रेट (सिटी मजिस्ट्रेट) विनोद कुमार सिंह का ट्रांसफर कर उन्हें मिर्जापुर का अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) बनाया गया है.
- विनय कुमार सिंह बने प्रयागराज के सिटी मजिस्ट्रेट: मुरादाबाद के उप जिलाधिकारी (SDM) विनय कुमार सिंह को अब प्रयागराज का नया नगर मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया है.
- गुलशन बने सीआरओ बलिया: यूपी सहकारी चीनी मिल संघ के प्रधान प्रबंधक गुलशन को मुख्य राजस्व अधिकारी (CRO) बनाकर बलिया भेजा गया है.
- सुरेश कुमार पाल लखनऊ स्थानांतरित: बलिया के मुख्य राजस्व अधिकारी सुरेश कुमार पाल (जो पहले से स्थानान्तरणाधीन चल रहे थे) को अब उप निदेशक, बाल विकास एवं पुष्टाहार निदेशालय, लखनऊ के पद पर तैनात किया गया है.
- बरखा सिंह को मिल संघ की कमान: भदोही की उप जिलाधिकारी बरखा सिंह को अब ‘उत्तर प्रदेश सहकारी चीनी मिल संघ’ का प्रधान प्रबंधक बनाया गया है.
- प्रतीक्षारत अफसरों को मिली तैनाती: काफी समय से वेटिंग (प्रतीक्षारत) में चल रहे दो पीसीएस अफसरों को भी मुख्यधारा में लाया गया है. इसमें अविनाश कुमार गौतम को उप जिलाधिकारी (SDM) आजमगढ़ और अभिषेक वर्मा को उप जिलाधिकारी (SDM) फर्रूखाबाद की कमान सौंपी गई है.
अधिकारियों की पूरी ट्रांसफर लिस्ट (एक नज़र में):
| अधिकारी का नाम और वर्तमान पद | नया पद और तैनाती स्थान |
| विनोद कुमार सिंह, नगर मजिस्ट्रेट, प्रयागराज | अपर जिलाधिकारी (वित्त/राजस्व), मिर्जापुर |
| विनय कुमार सिंह, उप जिलाधिकारी, मुरादाबाद | नगर मजिस्ट्रेट, प्रयागराज |
| गुलशन, प्रधान प्रबंधक, यूपी सहकारी चीनी मिल संघ | मुख्य राजस्व अधिकारी, बलिया |
| सुरेश कुमार पाल, स्थानान्तरणाधीन मुख्य राजस्व अधिकारी, बलिया | उप निदेशक, बाल विकास एवं पुष्टाहार निदेशालय, लखनऊ |
| बरखा सिंह, उपजिलाधिकारी, भदोही | प्रधान प्रबंधक, उ०प्र० सहकारी चीनी मिल संघ |
| अविनाश कुमार गौतम, प्रतीक्षारत | उपजिलाधिकारी, आजमगढ़ |
| अभिषेक वर्मा, प्रतीक्षारत | उपजिलाधिकारी, फर्रूखाबाद |
| अमृता सिंह, अपर नगर आयुक्त, नगर निगम, कानपुर | अपर जिलाधिकारी (न्यायिक), अमेठी |
| अनूप कुमार, अपर नगर आयुक्त, नगर निगम, वाराणसी | अपर नगर आयुक्त, नगर निगम, कानपुर |
31 मई तक आती रहेंगी नई सूचियां; यह है नई तबादला नीति
उत्तर प्रदेश शासन के सूत्रों की मानें तो यह तो सिर्फ शुरुआत है, अभी आने वाले दो-तीन दिनों के भीतर प्रशासनिक, पुलिस और अन्य तकनीकी विभागों में बड़े स्तर पर ट्रांसफर लिस्ट देखने को मिलेंगी.
कैबिनेट बैठक के बाद प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने साफ किया था कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंजूरी के बाद सूबे में नई तबादला नीति-2026 लागू हो चुकी है. इस नीति के तहत सभी विभागों को हर हाल में 31 मई 2026 तक स्थानांतरण की पूरी प्रक्रिया संपन्न करनी होगी.
नई तबादला नीति के कड़े नियम:
- कैडर स्ट्रेंथ की सीमा: भ्रष्टाचार और मनमाने ट्रांसफर पर रोक लगाने के लिए समूह ‘क’ और ‘ख’ के अधिकारियों के कुल कैडर स्ट्रेंथ के अधिकतम 20% ही तबादले किए जा सकेंगे.
- समूह ‘ग’ और ‘घ’ के नियम: निचले कर्मचारियों यानी समूह ‘ग’ और ‘घ’ के लिए यह सीमा अधिकतम 10% निर्धारित की गई है.
- समय सीमा का नियम: जो भी प्रशासनिक या विभागीय अधिकारी एक ही जिले में लगातार 3 साल या एक ही मंडल में कुल 7 साल की सेवा पूरी कर चुके हैं, उन्हें अनिवार्य रूप से उस क्षेत्र से हटाकर गैर-जनपद या गैर-मंडल भेजा जा रहा है.




