सीतापुर: (उमेश बाजपेई) सिधौली-मिश्रिख मार्ग स्थित निजी ‘किंग अस्पताल’ में एक गर्भवती महिला की मौत के बाद परिजनों का भारी गुस्सा फूट पड़ा। महिला की दर्दनाक मौत के बाद परिजनों ने सीधे तौर पर डॉक्टर की लापरवाही का गंभीर आरोप लगाया है। इस घटना के बाद एक मां की मौत ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है।
मौत के बाद खुली पोल, प्रशासन हरकत में
परिजनों द्वारा डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाए जाने के बाद प्रशासन तुरंत हरकत में आ गया। मामले की सूचना मिलते ही उपजिलाधिकारी (SDM) राखी वर्मा और सीएचसी (CHC) अधीक्षक आनंद कुमार सिंह सहित पूरा प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंच गया। अधिकारियों ने अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई शुरू की और ‘किंग अस्पताल’ पर प्रशासनिक शिकंजा कसते हुए उसे सील कर दिया।
लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ और उठते सवाल
महिला की मौत के बाद अस्पताल की पोल खुल गई है और अब प्रशासन की इस बड़ी कार्रवाई के बाद कई गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर बिना जवाबदेही के ऐसे निजी अस्पताल कब तक लोगों की जिंदगी के साथ इसी तरह खिलवाड़ करते रहेंगे?
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए डीएम सीतापुर (DM Sitapur), यूपी के स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक (Brajesh Pathak) और भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय (Ministry of Health and Family Welfare) का ध्यान भी इस ओर खींचा गया है ताकि ऐसे मामलों पर रोक लग सके।



