लखनऊ (राजधानी न्यूज): उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक सामग्री पोस्ट करने के मामले में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता और पूर्व राज्यमंत्री आईपी सिंह की मुश्किलें बढ़ गई हैं। लखनऊ की हजरतगंज कोतवाली में उनके खिलाफ गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है।
यह कार्रवाई धर्म सिंह नामक युवक की शिकायत पर हुई है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि आईपी सिंह ने अपने आधिकारिक ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) हैंडल से मुख्यमंत्री की एक एडिटेड वीडियो पोस्ट की, जिसमें उनकी छवि को धूमिल करने का प्रयास किया गया। एफआईआर दर्ज होने के बाद आईपी सिंह ने तंज कसते हुए एक और पोस्ट किया और लिखा— “आपकी सरकार है, एक मीम डालने पर फांसी पर लटका दीजिए।”
एडिटेड वीडियो और जातिगत टिप्पणी का आरोप
पुलिस को दी गई तहरीर में निम्नलिखित बिंदुओं का उल्लेख किया गया है:
तस्वीर के साथ छेड़छाड़: वीडियो में मुख्यमंत्री की तस्वीर को एडिट कर उसे डांस वीडियो के रूप में दिखाया गया।
गंभीर आरोप: पोस्ट के साथ मुख्यमंत्री और सरकार पर आरक्षण, भर्ती घोटाले और विशिष्ट जातिगत टिप्पणियां की गईं, जिससे जनभावनाएं आहत हुई हैं।
डिजिटल साक्ष्य: पुलिस ने संबंधित पोस्ट के स्क्रीनशॉट और यूआरएल को साक्ष्य के तौर पर शामिल किया है।

विवादों से पुराना नाता: 2019 में बीजेपी ने किया था बाहर
आईपी सिंह अपनी तीखी बयानबाजी और सोशल मीडिया पोस्ट के लिए अक्सर चर्चा में रहते हैं:
भाजपा से निष्कासन: साल 2019 में राजनाथ सिंह के खिलाफ आपत्तिजनक पोस्ट करने पर तत्कालीन बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र नाथ पांडेय ने उन्हें 6 साल के लिए पार्टी से निकाल दिया था।
सपा में एंट्री: बीजेपी से निष्कासन के बाद उन्होंने समाजवादी पार्टी जॉइन की, जहाँ उन्हें राष्ट्रीय प्रवक्ता की जिम्मेदारी दी गई।
लगातार हमलावर: सपा में आने के बाद भी वे प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री समेत भाजपा के शीर्ष नेतृत्व पर लगातार तीखे हमले करते रहे हैं, जिसके चलते उन पर पहले भी कई मुकदमे दर्ज हो चुके हैं।
हजरतगंज पुलिस का कहना है कि मामले की जांच साइबर सेल के साथ मिलकर की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।



