लखनऊ (राजधानी न्यूज): उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ का बाजारखाला इलाका शनिवार रात गोलियों की तड़तड़ाहट से थर्रा उठा। सत्ताधारी दल भाजपा के युवा मोर्चा (BJYM) के महानगर कार्यसमिति सदस्य चेतन तिवारी पर उनके घर के ठीक बाहर जानलेवा हमला किया गया। हमलावर ने पुरानी रंजिश और इलाके में वर्चस्व कायम करने के उद्देश्य से चेतन पर एक के बाद एक 5 राउंड फायर किए। वारदात के समय चेतन अपनी पत्नी और नवजात बच्ची के साथ घर के बाहर बैठे थे। वर्तमान में चेतन की हालत अत्यंत नाजुक बनी हुई है और वे किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) के ट्रॉमा सेंटर में जीवन और मौत के बीच जंग लड़ रहे हैं।
वारदात का आंखों देखा हाल: “बहुत दिनों से खून का प्यासा था…”
घटना शनिवार रात करीब 9 से 10 बजे के बीच की है। मेहंदीगंज इलाके में रहने वाले 30 वर्षीय चेतन तिवारी अपने घर के बाहर कुर्सी डालकर बैठे थे। उनके साथ उनकी पत्नी मानसी तिवारी और उनकी छोटी सी नवजात बच्ची भी थी। प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, इसी दौरान मोहल्ले का ही रहने वाला वैभव उर्फ कौस्तुभ बाजपेई अपने 5-6 अज्ञात साथियों के साथ पैदल वहां पहुंचा।
मानसी तिवारी ने रोते हुए बताया कि वैभव के हाथ में तमंचा था और उसके चेहरे पर दरिंदगी साफ दिख रही थी। वहां पहुंचते ही वैभव ने चिल्लाकर कहा, “बहुत दिनों से तुम्हारे खून का प्यासा था, आज मिले हो… आज तुम्हें और तुम्हारे पूरे परिवार को खत्म कर दूंगा।” इससे पहले कि चेतन कुछ समझ पाते या वहां से भाग पाते, वैभव ने उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी।
लखनऊ : भाजपा युवा मोर्चा नेता चेतन तिवारी पर फायरिंग, दो गोलियां लगीं
लखनऊ के बाजारखाला में शनिवार रात भाजपा युवा मोर्चा के महानगर कार्यसमिति सदस्य चेतन तिवारी पर बाइक सवार बदमाशों ने फायरिंग कर दी।
कमर के नीचे दो गोलियां लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गए।
उन्हें केजीएमयू… pic.twitter.com/FiJWzL0FVE— Saurabh Shukla (@msaurabhshukla) May 10, 2026
CCTV में कैद हुई रूह कंपा देने वाली फुटेज
चेतन के घर के पास लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों में यह पूरी वारदात रिकॉर्ड हो गई है। फुटेज के अनुसार:
- हमले की शुरुआत: नीली जींस और सफेद शर्ट पहने हमलावर वैभव पैदल आता दिखता है। वह अचानक तमंचा निकालता है और चेतन पर तान देता है।
- जान बचाने की कोशिश: पहली गोली चलते ही चेतन ने झुककर बचने की कोशिश की, लेकिन गोली उनकी कमर में जा लगी और वे पेट के बल सड़क पर गिर पड़े।
- बेरहमी की इंतहा: चेतन के गिरते ही हमलावर उनके और करीब आया। उसने तमंचा चेतन के कंधे और गर्दन से सटाकर फिर से फायर किए। कुल 5 राउंड गोलियां चलाई गईं।
- दहशत का माहौल: गोलियों की आवाज सुनकर आसपास की महिलाएं और युवक बचाने दौड़े, लेकिन वैभव ने उन पर भी तमंचा तान दिया। जान बचाने के लिए लोग वापस अपने घरों में छिप गए। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी उसी दिशा में पैदल भाग निकला जिधर से वह आया था।

चेतन के गर्दन पर भी ताबड़तोड़ फायरिंग हुई।
मेडिकल बुलेटिन: रीढ़ की हड्डी में लगी गोली, पैर हुए सुन्न
चेतन तिवारी को खून से लथपथ हालत में तुरंत KGMU ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया। डॉक्टरों के अनुसार, उनकी स्थिति काफी गंभीर है। एक गोली उनकी रीढ़ की हड्डी (Spine) में जाकर धंसी है। इस गंभीर चोट के कारण चेतन के शरीर का निचला हिस्सा काम करना बंद कर चुका है। उनके दोनों पैर सुन्न हो गए हैं और वे कोई रिस्पॉन्स नहीं दे रहे हैं। विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम लगातार उनके ऑपरेशन और गोली निकालने की प्रक्रिया में जुटी है, लेकिन खतरा अभी टला नहीं है।

वर्चस्व की लड़ाई और पुरानी रंजिश
पुलिस की प्रारंभिक जांच में इस खूनी संघर्ष की मुख्य वजह ‘इलाके का वर्चस्व’ (Supremacy) निकलकर सामने आई है।
- पेशा और रंजिश: चेतन तिवारी भाजपा के लिए होर्डिंग लगवाने का काम करते हैं और उनकी इलाके में एक फोटोफ्रेम की दुकान भी है। पिछले चार सालों में भाजपा संगठन में उनका कद तेजी से बढ़ा था, जो आरोपी वैभव बाजपेई को खटक रहा था।
- दोनों का भाजपा कनेक्शन: हैरान करने वाली बात यह है कि हमलावर वैभव बाजपेई भी भाजपा से जुड़ा बताया जा रहा है। दोनों एक ही मोहल्ले के निवासी हैं और पिछले दो साल से उनके बीच ‘इलाके का नेता’ बनने को लेकर ठनी हुई थी।
- समझौते का दबाव: मानसी तिवारी का आरोप है कि वैभव पुराने विवादों में समझौते का दबाव बना रहा था और इनकार करने पर उसने इस वारदात को अंजाम दिया।

KGMU में हंगामे की तस्वीर
KGMU में भारी हंगामा और पुलिस से तीखी नोकझोंक
वारदात की खबर मिलते ही भाजपा युवा मोर्चा के सैकड़ों कार्यकर्ता और स्थानीय लोग ट्रॉमा सेंटर पहुंच गए। वहां माहौल तब तनावपूर्ण हो गया जब कार्यकर्ताओं ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
- DCP वेस्ट से कहासुनी: जब डीसीपी वेस्ट कमलेश दीक्षित मीडिया को ब्रीफ करने पहुंचे, तो प्रदर्शनकारियों ने उन्हें घेर लिया। डीसीपी ने जैसे ही कहा कि आरोपी वैभव हिरासत में है, लोग चिल्लाने लगे और दावा किया कि पुलिस झूठ बोल रही है और आरोपी अभी भी फरार है।
- पुलिस का रुख: हंगामे के कारण डीसीपी को एक बार बिना बयान दिए वापस जाना पड़ा, लेकिन बाद में उन्होंने पुष्टि की कि मुख्य आरोपी वैभव बाजपेई को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
FIR दर्ज: हत्या के प्रयास का मामला
बाजारखाला पुलिस ने चेतन की पत्नी मानसी तिवारी की लिखित तहरीर पर मुख्य आरोपी वैभव उर्फ कौस्तुभ बाजपेई, हर्षित बाजपेई और 4-5 अज्ञात लोगों के खिलाफ धारा 307 (हत्या का प्रयास) और अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस अब फरार चल रहे अन्य अज्ञात आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही है।
राजधानी के रिहायशी इलाकों में इस तरह सरेआम गोलीबारी कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है। एक ही पार्टी के दो गुटों के बीच वर्चस्व की लड़ाई जब खून-खराबे तक पहुंच जाए, तो यह संगठन के भीतर बढ़ते अपराधीकरण की ओर भी इशारा करता है। लखनऊ पुलिस के लिए अब यह चुनौती है कि वह न केवल सभी आरोपियों को जेल भेजे, बल्कि यह भी सुनिश्चित करे कि मेहंदीगंज जैसे घनी आबादी वाले इलाकों में दोबारा ऐसी ‘गैंगवार’ जैसी स्थिति न बने।






