मैनपुरी (राजधानी न्यूज): समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने आम आदमी पार्टी (AAP) छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थामने वाले राघव चड्ढा और उनके साथी सांसदों पर तीखा हमला बोला है। अपने मैनपुरी दौरे के दूसरे दिन किशनी विधानसभा में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए डिंपल ने इसे जनता और पार्टी के साथ ‘गद्दारी’ करार दिया।
“जनता ने नहीं, पार्टी ने चुनकर भेजा था”
डिंपल यादव ने दलबदल करने वाले सांसदों की नैतिकता पर सवाल उठाते हुए कहा:
भरोसे का कत्ल: “जिस पार्टी की वजह से आप राज्यसभा सांसद बने, जिस पार्टी ने आप पर भरोसा किया, उसे छोड़कर दूसरी पार्टी में जाना गद्दारी है। आप सीधे जनता के बीच से चुनकर नहीं आए थे, पार्टी ने आपको सदन भेजा था।”
लोकतांत्रिक मूल्यों का ह्रास: उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह के कदम लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करते हैं और मतदाताओं के विश्वास को ठेस पहुंचाते हैं।

ममता बनर्जी का समर्थन और मणिपुर पर घेरा
सपा सांसद ने राष्ट्रीय राजनीति के कई अन्य ज्वलंत मुद्दों पर भी अपनी राय रखी:
ममता बनर्जी: डिंपल ने पश्चिम बंगाल की सीएम को एक मजबूत नेता बताया और दावा किया कि आगामी चुनावों में फिर से टीएमसी (TMC) की ही सरकार बनेगी। उन्होंने संसद में टीएमसी की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।
मणिपुर हिंसा: भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि 2023 से मणिपुर जल रहा है, हजारों लोग बेघर हैं, लेकिन सरकार शांति बहाल करने के बजाय संवाद से बच रही है।
महिला सुरक्षा: यूपी सरकार को घेरते हुए डिंपल ने कहा कि प्रदेश में दलित, पिछड़े और अल्पसंख्यकों का शोषण हो रहा है। दुष्कर्म और हत्या जैसे जघन्य अपराधों में भी पीड़ितों को एफआईआर (FIR) दर्ज कराने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।

क्या था पूरा मामला?
ज्ञात हो कि 24 अप्रैल को आम आदमी पार्टी के 10 में से 7 राज्यसभा सांसदों ने राघव चड्ढा के नेतृत्व में पार्टी छोड़ दी थी। राघव चड्ढा, संदीप पाठक और अशोक मित्तल समेत इन सांसदों ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली है। राघव चड्ढा ने दलील दी थी कि उन्होंने दो-तिहाई बहुमत के साथ यह फैसला लिया है, इसलिए उन पर दलबदल कानून लागू नहीं होगा। उन्होंने खुद को “गलत पार्टी में सही आदमी” बताया था।



