लखनऊ (राजधानी न्यूज): उत्तर प्रदेश पुलिस के बेड़े में आज से 60,244 नए सिपाही आधिकारिक तौर पर शामिल हो गए हैं। रविवार को प्रदेश के 112 ट्रेनिंग सेंटरों पर आयोजित दीक्षांत (पासिंग आउट) परेड के बाद इन सिपाहियों को विभिन्न जिलों में तैनाती दी जाएगी। राजधानी लखनऊ में आयोजित मुख्य समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने परेड का निरीक्षण किया और विशेष रूप से महिला जवानों की सलामी ली।

बेटियों का अनुशासन सराहनीय, माफिया राज का अंत: योगी
खुली जिप्सी में परेड का निरीक्षण करने के बाद सीएम योगी ने कॉन्स्टेबल नेहा यादव को ‘बेस्ट कैडेट’ के खिताब से नवाजा। संबोधन के दौरान सीएम ने कई महत्वपूर्ण बातें कहीं:
अनुशासन ही ताकत: सीएम ने कहा कि वर्दी की सबसे बड़ी ताकत अनुशासन है। प्रशिक्षण की कठिन मेहनत ही भविष्य में ड्यूटी के दौरान होने वाली चुनौतियों को कम करती है।
अपराध मुक्त यूपी: “आज प्रदेश में माफिया राज समाप्त हो चुका है। गुंडा टैक्स और वसूली पर रोक लगी है। अब अपराधियों के मन में पुलिस का खौफ है और पुलिस का मनोबल ऊंचा है।”
आधुनिक प्रशिक्षण: सिपाहियों को अब पुरानी थ्री-नॉट-थ्री राइफल के बजाय आधुनिक इंसास (INSAS) राइफल से प्रशिक्षित किया गया है।

यूपी पुलिस की बदली तस्वीर (2017 बनाम 2026)
मुख्यमंत्री ने पुलिस बल के सशक्तिकरण के आंकड़े पेश करते हुए विपक्ष पर भी निशाना साधा:
प्रशिक्षण क्षमता: 2017 में यूपी की प्रशिक्षण क्षमता मात्र 3 हजार थी, जिसे बढ़ाकर अब एक साथ 60 हजार सिपाहियों को प्रशिक्षित करने के योग्य बनाया गया है।
बजट और सुरक्षा: 2017 की तुलना में पुलिस का बजट तीन गुना बढ़ाया गया है। हर थाने में ‘मिशन शक्ति’ केंद्र और पीएसी की तीन महिला बटालियनें गठित की गई हैं।
संवेदनशीलता: सीएम ने नए सिपाहियों को नसीहत दी कि उन्हें अपराधियों के प्रति कठोर और आम नागरिकों के प्रति संवेदनशील होना चाहिए।

पेपर लीक से नियुक्ति तक का लंबा सफर
अक्टूबर 2023 में शुरू हुई यह भर्ती प्रक्रिया चुनौतियों भरी रही:
ऐतिहासिक परीक्षा: पेपर लीक के कारण दोबारा हुई इस परीक्षा में 48 लाख अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया था।
चयन प्रक्रिया: लिखित परीक्षा के बाद 1,74,316 अभ्यर्थियों को फिजिकल टेस्ट के लिए बुलाया गया था।
अंतिम परिणाम: 13 मार्च 2025 को आए रिजल्ट में 12,048 महिलाओं और 48,196 पुरुषों ने सफलता प्राप्त की। 15 जून 2025 को इन्हें जॉइनिंग लेटर दिए गए थे और आज प्रशिक्षण पूरा कर ये जवान सुरक्षा की कमान संभालने को तैयार हैं।



