लखनऊ (राजधानी न्यूज): (शशिकांत) ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय, लखनऊ में शुक्रवार (24 अप्रैल 2026) को राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के अवसर पर एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कुलपति प्रोफेसर अजय तनेजा के कुशल मार्ग निर्देशन और सामाजिक विज्ञान संकायाध्यक्ष प्रो. चन्दना डे के मार्गदर्शन में राजनीति शास्त्र विभाग द्वारा “पंचायती राज में महिलाओं की भूमिका” विषय पर भाषण प्रतियोगिता आयोजित की गई।
नारी शक्ति वंदन अधिनियम और सोशल मीडिया पर चर्चा
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विभागों के छात्र-छात्राओं ने ग्रामीण राजनीति में महिलाओं की बदलती तस्वीर पर अपने विचार रखे:
नेतृत्व और शिक्षा: छात्रों ने जोर दिया कि पंचायतों में महिलाओं की सक्रिय सहभागिता के पीछे शिक्षा और सोशल मीडिया की अहम भूमिका है।
संवैधानिक सशक्तिकरण: कार्यक्रम का संचालन कर रहे सहायक आचार्य श्री विपिन सिंह ने ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ का जिक्र करते हुए पंचायतों में महिलाओं की बढ़ती निर्णय क्षमता की ओर सबका ध्यान आकर्षित कराया। इस अवसर पर विभाग के सहायक आचार्य मृणाल झा भी मौजूद रहे।

हलीमा खातून ने मारी बाजी, ये रहे विजेता
भाषण प्रतियोगिता में राजनीति शास्त्र विभाग के विद्यार्थियों का दबदबा रहा। निर्णायक मंडल के रूप में डॉ. योगेंद्र कुमार सिंह, डॉ. आराधना अस्थाना और डॉ. प्रिया देवी ने प्रतिभागियों के कौशल को परखा:
प्रथम स्थान: हलीमा खातून (राजनीति शास्त्र)
द्वितीय स्थान: आकांक्षा
तृतीय स्थान: उमाकांत मिश्रा
विजेता प्रतिभागियों को विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से सम्मानित किया गया। वक्ताओं ने निष्कर्ष निकाला कि पंचायतों में महिलाओं का नेतृत्व न केवल समावेशी विकास सुनिश्चित कर रहा है, बल्कि समाज की पितृसत्तात्मक सोच को भी चुनौती दे रहा है।



