लखनऊ (राजधानी न्यूज): राजधानी के दुबग्गा क्षेत्र स्थित मलहा गांव में मंगलवार को प्रकृति का कहर टूट पड़ा। जंगल में लगी मामूली आग ने तेज हवाओं के कारण विकराल रूप ले लिया और देखते ही देखते गांव के रिहायशी मकानों को अपनी चपेट में ले लिया। इस भीषण अग्निकांड में भारी आर्थिक नुकसान के साथ-साथ मूक पशुओं की भी दर्दनाक मौत हो गई।
15 बकरियां और 3 भैंस जिंदा जलीं
आग की लपटें इतनी तेज थीं कि ग्रामीणों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। इस हादसे में पशुपालकों को भारी क्षति पहुंची है:
पशुहानि: चंदर रावत की 15 बकरियां आग में जलकर मर गईं। इसके अलावा महादेव, महावीर और मुनेश्वर की 1-1 भैंस (कुल 3 भैंस) भी जिंदा जल गईं।
युवक झुलसा: आग बुझाने के संघर्ष में महावीर का 22 वर्षीय बेटा मोहित गंभीर रूप से झुलस गया है, जिसे तत्काल उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया।
व्यापारिक नुकसान: राम विलास की पान-मसाले की गुमटी भी राख हो गई, जिसमें रखा करीब डेढ़ लाख रुपए का सामान जल गया।
लखनऊ: दुबग्गा के मलहा गांव में आग का तांडव
➤ दुबग्गा के मलहा गांव में लगी भीषण आग ने मचाई तबाही।
➤ आग की चपेट में आने से दर्जन भर बकरियां झुलसीं।
➤ कई अन्य मवेशी भी आग की लपटों में बुरी तरह फंसे।
➤ दमकल कर्मियों और स्थानीय लोगों ने मिलकर आग पर काबू पाया।#Lucknow #Dubagga… pic.twitter.com/zzKMNZR34I
— The Lucknow 360 (@thelucknow360) April 21, 2026
ग्रामीणों का आक्रोश: “एक घंटे की देरी से पहुंची दमकल”
मल्हा गांव के निवासियों में दमकल विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर गहरा गुस्सा है। ग्रामीणों का आरोप है कि आग लगने की सूचना तत्काल दे दी गई थी, लेकिन फायर ब्रिगेड की गाड़ियां करीब एक घंटे की देरी से मौके पर पहुंचीं। यदि दमकल कर्मी समय पर आ जाते, तो मवेशियों की जान बचाई जा सकती थी और नुकसान इतना बड़ा न होता।
दहशत के बीच सुरक्षित स्थानों की ओर भागे लोग
तेज हवाओं ने आग को कुछ ही मिनटों में जंगल से गांव के मुहाने तक पहुंचा दिया। दहशत के मारे लोग अपना सामान लेकर सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे। कई युवाओं ने पाइप और बाल्टियों से लपटों पर काबू पाने की कोशिश की, लेकिन आग की तीव्रता के आगे उनके प्रयास विफल रहे। दमकल कर्मियों ने अंततः कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया। प्रशासन अब आग लगने के कारणों की बारीकी से जांच कर रहा है।



