नसीमुद्दीन सिद्दीकी की इफ्तार पार्टी में अखिलेश का ‘सियासी प्रहार’, बोले- सिलेंडर के दाम और गड्ढों ने जनता का जीना मुहाल कर दिया

नसीमुद्दीन सिद्दीकी की इफ्तार पार्टी में पहुंचे अखिलेश यादव

लखनऊ में पूर्व मुख्यमंत्री और सपा प्रमुख अखिलेश यादव नसीमुद्दीन सिद्दीकी द्वारा आयोजित रोजा इफ्तार पार्टी में शरीक हुए। इस दौरान उनके साथ इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया के अध्यक्ष मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली समेत कई दिग्गज हस्तियां मौजूद रहीं। इफ्तार के बाद अखिलेश यादव ने मीडिया से रूबरू होते हुए केंद्र और प्रदेश की योगी सरकार को जमकर आड़े हाथों लिया। उन्होंने रसोई गैस (LPG) की किल्लत से लेकर सड़कों की बदहाली तक, हर मुद्दे पर सरकार की घेरेबंदी की।

अखिलेश यादव ने दो टूक शब्दों में कहा कि प्रदेश में एलपीजी गैस का संकट गहराता जा रहा है। अगर यही हाल रहा तो आने वाले समय में छोटे और बड़े व्यापारियों को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा। उन्होंने सरकार पर तंज कसते हुए कहा, “हम अफवाह नहीं फैला रहे, बल्कि जनता को हकीकत से रूबरू करा रहे हैं। जनता को बखूबी पता है कि असली ‘अफवाहजीवी’ कौन है।” अखिलेश ने ग्रीन कॉरिडोर का जिक्र करते हुए कहा कि करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद भी सड़कों पर गड्ढे दिख रहे हैं। उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि शायद भाजपा के लोगों ने ही रात में जाकर गड्ढे खोद दिए होंगे, क्योंकि इन्हें गड्ढे बहुत पसंद हैं।

बंगाल का जिक्र कर यूपी के अफसरों को चेतावनी, गोरखपुर की कानून व्यवस्था पर उठाए गंभीर सवाल

चुनावों और प्रशासनिक फेरबदल पर बात करते हुए अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश के अधिकारियों को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में चुनाव के वक्त न डीजीपी हटेंगे, न होम सेक्रेटरी और न ही डीएम-कमिश्नर, लेकिन यही अधिकारी अंततः भाजपा की हार का कारण बनेंगे। बंगाल का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि वहां अधिकारियों को हटाया गया, लेकिन जनता फिर भी ममता बनर्जी को ही चुनने जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि बंगाल में ‘SIR’ के नाम पर जनता को बहुत प्रताड़ित किया गया है और अभी भी भेदभाव का खेल जारी है।

उत्तर प्रदेश के गृह जनपद गोरखपुर पर निशाना साधते हुए अखिलेश ने कहा कि वहां हर दूसरे-तीसरे दिन हत्याएं हो रही हैं। मुख्यमंत्री के अपने क्षेत्र में कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त है। उन्होंने तंज कसा कि जब मुख्यमंत्री गोरखपुर जाते हैं, तो वह ‘लॉ’ (Law) अलग ले जाते हैं और ‘ऑर्डर’ (Order) अलग, जिसका नतीजा जनता भुगत रही है। बनारस में नाव पर इफ्तार को लेकर हुए विवाद पर उन्होंने प्रशासन को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि वहां ‘हथेली गरम और पुलिस नरम’ वाला हिसाब चल रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब गंगा में फाइव स्टार क्रूज चल सकता है और उसका वेस्ट गंगा में जा सकता है, तब सरकार चुप रहती है, लेकिन इफ्तार पर प्रशासन जानबूझकर पाबंदियां लगा रहा है।

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