लखनऊ (राजधानी न्यूज डेस्क): उत्तर प्रदेश की राजनीति में रविवार का दिन ‘सत्ता के संतुलन’ का गवाह बना। राजधानी के राजभवन में आयोजित एक भव्य समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कैबिनेट का दूसरा विस्तार संपन्न हुआ। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कुल 8 मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस विस्तार के जरिए भाजपा ने आगामी राजनीतिक चुनौतियों को देखते हुए जातीय और क्षेत्रीय समीकरणों को बेहद बारीकी से साधने की कोशिश की है।

शपथ ग्रहण: दिग्गजों की एंट्री और अपनों का प्रमोशन
शपथ ग्रहण समारोह की शुरुआत बेहद सधे हुए अंदाज में हुई। राजभवन के गांधी सभागार में जैसे ही मंत्रियों के नाम पुकारे गए, समर्थकों के उत्साह से हॉल गूंज उठा।
- भूपेंद्र चौधरी (कैबिनेट मंत्री): शपथ लेने वालों में सबसे पहला नाम पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी का रहा। उन्होंने कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली। चर्चा है कि उन्हें लोक निर्माण विभाग (PWD) जैसा भारी-भरकम मंत्रालय मिल सकता है, जो जितिन प्रसाद के केंद्र में जाने के बाद से सीएम योगी के पास ही है।
- मनोज पांडेय (कैबिनेट मंत्री): समाजवादी पार्टी से बगावत कर भाजपा के पाले में आए रायबरेली के ऊंचाहार से विधायक मनोज पांडेय को कैबिनेट मंत्री बनाया गया है। यह सपा के लिए बड़ा राजनीतिक झटका और मनोज पांडेय की ‘बगावत’ का बड़ा इनाम माना जा रहा है।
- प्रमोशन पाने वाले चेहरे: पूर्व में राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार की जिम्मेदारी संभाल रहे अजीत पाल और सोमेंद्र तोमर को उनके बेहतर कार्य प्रदर्शन के आधार पर प्रमोट किया गया है।

इनका हुआ “प्रमोशन”
राज्यमंत्रियों की फौज: जातीय गुलदस्ते की सजावट
योगी सरकार ने इस विस्तार में सामाजिक इंजीनियरिंग का विशेष ध्यान रखा है। नए मंत्रियों में 1 ब्राह्मण, 3 ओबीसी (OBC) और 2 दलित वर्ग के चेहरों को जगह दी गई है:
- कृष्णा पासवान (राज्यमंत्री): फतेहपुर की खागा सीट से विधायक और भाजपा का मजबूत दलित चेहरा।
- कैलाश राजपूत (राज्यमंत्री): फर्रुखाबाद से विधायक, जिन्हें पिछड़ा वर्ग के प्रतिनिधित्व के तौर पर शामिल किया गया है।
- सुरेंद्र दिलेर (राज्यमंत्री): हाथरस के युवा दलित नेता और खैर से विधायक। वे भगवा कुर्ते में शपथ लेने पहुंचे, जो चर्चा का विषय रहा।
- हंसराज विश्वकर्मा (राज्यमंत्री): वाराणसी से एमएलसी हंसराज विश्वकर्मा ढोल-नगाड़ों और बैंड-बाजे के साथ अपने आवास से राजभवन के लिए निकले थे। उन्हें पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र में सक्रियता का फल मिला है।<
उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार के अवसर पर जन भवन, लखनऊ में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में…@UPGovt https://t.co/4ZbSVq1Iko
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) May 10, 2026
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शक्ति प्रदर्शन और सस्पेंस: पूजा पाल का नाम कटा
शनिवार शाम को जब सीएम योगी और राज्यपाल के बीच 45 मिनट तक मुलाकात चली थी, तभी से कयासों का दौर जारी था। चर्चा थी कि सपा की बागी विधायक पूजा पाल को भी मंत्री बनाया जा सकता है, लेकिन अंतिम समय में उनका नाम सूची से गायब रहा। इसे राजनीतिक हलकों में एक बड़ा ‘ट्विस्ट’ माना जा रहा है।
योगी 2.0 सरकार का पहला विस्तार 5 मार्च, 2024 को हुआ था। वर्तमान में 54 मंत्रियों के साथ चल रही सरकार में 6 पद खाली थे, जिन्हें आज के विस्तार से भर दिया गया है। कुछ मंत्रियों के प्रमोशन के बाद अब विभागों के बंटवारे पर सबकी नजरें टिकी हैं।





