लखनऊ (राजधानी न्यूज): समाजवादी पार्टी के संस्थापक स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव के छोटे पुत्र और सपा प्रमुख अखिलेश यादव के भाई प्रतीक यादव (38) का गुरुवार दोपहर लखनऊ के बैकुंठ धाम में अंतिम संस्कार संपन्न हुआ। इस दौरान राजधानी ने एक भावुक और दुर्लभ पल देखा, जब प्रतीक के ससुर अरविंद सिंह बिष्ट ने अपने दामाद की चिता को मुखाग्नि दी। पारिवारिक एकजुटता की मिसाल पेश करते हुए इस दुखद घड़ी में पूरा सैफई कुनबा और राजनीति के दिग्गज एक साथ नजर आए।

पारिवारिक परंपरा और भावुक विदाई
आमतौर पर हिंदू मान्यताओं के अनुसार परिवार का पुरुष सदस्य या पुत्र ही मुखाग्नि देता है, लेकिन प्रतीक की विदाई में उनके ससुर अरविंद बिष्ट ने यह जिम्मेदारी निभाई।
- अखिलेश की भावुकता: अखिलेश यादव ने अपने छोटे भाई की चिता पर लकड़ी रखी और अंतिम प्रणाम किया। वे पूरे समय परिवार और प्रतीक की बेटियों को संभालते नजर आए।

अखिलेश यादव ने अपने छोटे भाई की चिता पर लकड़ी रखी और अंतिम प्रणाम किया। - बेटियों का अंतिम प्रणाम: प्रतीक की दोनों बेटियां, प्रथमा और पद्मजा, भी श्मशान घाट पर मौजूद रहीं और पिता की चिता पर लकड़ी रखी। ताऊ अखिलेश ने छोटी बेटी पद्मजा को चॉकलेट खिलाकर उसका ढांढस बंधाया।
- कुनबे की मौजूदगी: शिवपाल यादव, रामगोपाल यादव, और परिवार की अगली पीढ़ी के सदस्य जैसे आदित्य यादव ने भी अंतिम विदाई दी।

प्रतीक की विदाई में उनके ससुर अरविंद बिष्ट ने यह जिम्मेदारी निभाई।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट: कार्डिएक अरेस्ट और पुरानी चोटें
प्रतीक यादव का बुधवार सुबह निधन हुआ था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की मुख्य वजह कार्डिएक अरेस्ट बताई गई है।
- गंभीर बीमारी: डॉक्टरों के अनुसार, प्रतीक पल्मोनरी एम्बोलिज्म (फेफड़ों में खून का थक्का जमना) से जूझ रहे थे।
- चोट के निशान: उनके शरीर पर 6 चोटें पाई गईं, जिनमें 3 चोटें सात दिन पुरानी और 3 एक दिन पुरानी थीं। विसरा सुरक्षित रख लिया गया है।
- पहले भी आया था अटैक: बताया गया कि 30 अप्रैल को लखनऊ एयरपोर्ट पर भी उन्हें दिल का दौरा पड़ा था।

शव यात्रा में उमड़ा जनसैलाब
प्रतीक के घर से 5 किमी दूर बैकुंठ धाम तक निकाली गई शव यात्रा में हजारों समर्थकों की भीड़ जुटी।
- श्रद्धांजलि: जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर अवधेशानंद गिरि महाराज, डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक, डिंपल यादव और शिवपाल यादव ने घर पहुंचकर अंतिम दर्शन किए।
- पशु प्रेम: प्रतीक को जानवरों से बेहद लगाव था, इसलिए उनके शव वाहन पर उनके पालतू कुत्तों और बंदर के साथ वाली तस्वीरें लगाई गई थीं。
- सम्मान: परंपरा के अनुसार शव यात्रा को सपा कार्यालय के पास भी कुछ देर के लिए रखा गया।

बैकुंठ धाम पर डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने अखिलेश यादव को सांत्वना दी। 
आचार्य महामंडलेश्वर अवधेशानंद गिरि महाराज ने अपर्णा यादव को ढांढस बंधाया। 
देवर प्रतीक की मौत पर भाभी डिंपल यादव की आंखें भी नम हो गईं। 
अपर्णा यादव मंत्री बेबीरानी मौर्या से गले लगकर रोईं। पूर्व मंत्री आजम खान की पत्नी तंजीम फातिमा और उनके बेटे अदीब आजम ने अखिलेश यादव से उनके आवास पर मिलकर उनके छोटे भाई प्रतीक यादव की मौत पर शोक व्यक्त किया।
दुख में सब साथ हैं। pic.twitter.com/xneQlmTvps
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) May 14, 2026
ससुर अरविंद बिष्ट का परिचय
मुखाग्नि देने वाले अरविंद सिंह बिष्ट एक पूर्व पत्रकार हैं और सपा सरकार में राज्य सूचना आयुक्त रह चुके हैं। उनकी पत्नी अंबी बिष्ट नगर निगम से जोनल अधिकारी के पद से रिटायर हुई हैं।











