लखनऊ (राजधानी न्यूज): लोकसभा में महिला आरक्षण बिल (संविधान 131वां संशोधन) के पारित न होने के विरोध में मंगलवार को राजधानी लखनऊ की सड़कों पर भारी जन-आक्रोश देखने को मिला। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुद मोर्चा संभालते हुए करीब 15 हजार महिलाओं के साथ पैदल मार्च निकाला। कड़ी धूप और भीषण गर्मी के बावजूद सीएम योगी, दोनों डिप्टी सीएम और प्रदेश अध्यक्ष के साथ महिलाओं का यह सैलाब 2 किमी तक पैदल चला।
योगी का प्रहार: “देश में केवल 4 जातियां— महिला, गरीब, युवा और किसान”
विधानसभा के सामने रैली को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला:
महिला विरोधी चेहरा: “सपा और कांग्रेस का इतिहास महिला विरोधी रहा है। भीषण गर्मी में उमड़ी यह भीड़ उनके प्रति महिलाओं के गुस्से का प्रमाण है।”
आंदोलन की चेतावनी: सीएम ने एलान किया कि यह रैली यहीं नहीं रुकेगी। अब इस आंदोलन को बूथ, मंडल, ब्लॉक और जिला स्तर तक ले जाया जाएगा।
जातिवाद पर चोट: उन्होंने कहा कि देश में केवल चार जातियां हैं— महिला, गरीब, युवा और किसान। विपक्ष ने आरक्षण रोककर महिलाओं के साथ धोखा किया है।
गुलाब देवी का तंज: “सपा-कांग्रेस की स्थिति मेंढक जैसी”
रैली में भाजपा नेताओं ने जमकर जुबानी तीर छोड़े:
पंकज चौधरी (प्रदेश अध्यक्ष): “नकाब वालों (वोट बैंक) के चक्कर में सपा-कांग्रेस ने 80% महिलाओं का हक छीना है।”
गुलाब देवी (मंत्री): उन्होंने विवादित तंज कसते हुए कहा, “सपा-कांग्रेस की स्थिति मेंढक जैसी है, उन्हें सोने के चबूतरे पर भी बिठा दो तो वे नाले में ही कूदेंगे। आरक्षण जाति देखकर नहीं दिया जा सकता।”
गठबंधन का साथ: पदयात्रा में भाजपा के साथ सहयोगी दल के नेता ओपी राजभर और आशीष पटेल भी शामिल हुए, जिसे विपक्ष के खिलाफ एनडीए का बड़ा शक्ति प्रदर्शन माना जा रहा है।
सुरक्षा और सुविधा के कड़े इंतजाम
भीषण गर्मी को देखते हुए भाजपा संगठन ने पूरी पदयात्रा के दौरान जगह-जगह प्याऊ और एंबुलेंस की व्यवस्था की थी। पदयात्रा के दौरान महिलाएं ‘राहुल गांधी मुर्दाबाद’ और ‘नारी के सम्मान में भाजपा मैदान में’ जैसे नारे लगाती दिखीं। संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा कि पीएम मोदी का यह ऐतिहासिक कदम विपक्ष की हठधर्मिता की वजह से रुक गया, जिसे अब जनता के बीच ले जाया जाएगा।



