कोलकाता/लखनऊ (राजधानी न्यूज): उत्तर प्रदेश के चर्चित आईपीएस अधिकारी अजय पाल शर्मा का एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर सनसनी मचा रहा है। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में ड्यूटी पर तैनात अजय पाल शर्मा ने दक्षिण 24 परगना में टीएमसी (TMC) प्रत्याशी जहांगीर खान के घर पहुंचकर उन्हें और उनके समर्थकों को बेहद सख्त लहजे में चेतावनी दी है।
“चुनाव में गड़बड़ी की तो खैर नहीं”
जानकारी के मुताबिक, टीएमसी नेता जहांगीर खान पर वोटरों को डराने-धमकाने का आरोप था। इसकी सूचना मिलते ही अजय पाल शर्मा फोर्स के साथ उनके आवास पर जा पहुंचे। वायरल वीडियो में वे कहते नजर आ रहे हैं— “चुनाव में गड़बड़ी की तो अच्छे से खबर लेंगे।” उन्होंने प्रत्याशी के लोगों को स्पष्ट संदेश दिया कि मतदान के दौरान किसी भी प्रकार की गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
Mera Fair & Lovely babua @DripsAjaypal – Hum toh woh log hai joh kaidey se apke Chhota Fanta aur Bada Fanta ka bhi ilaaj kar lete hai!! Herogiri thoda samhaal ke kijiye. pic.twitter.com/eLOrg5bQOi
— Mahua Moitra (@MahuaMoitra) April 27, 2026
कौन हैं IPS अजय पाल शर्मा?
2011 बैच के आईपीएस अजय पाल शर्मा यूपी पुलिस के उन अधिकारियों में गिने जाते हैं जिनकी सख्त कार्यशैली अपराधियों के पसीने छुड़ा देती है:
एनकाउंटर स्पेशलिस्ट: नोएडा, शामली, जौनपुर और रामपुर में पोस्टिंग के दौरान उन्होंने अपराधियों के खिलाफ बड़े अभियान चलाए, जिसके कारण उन्हें ‘एनकाउंटर स्पेशलिस्ट’ के रूप में पहचान मिली।
विवादों में नियुक्ति: दक्षिण 24 परगना जैसे संवेदनशील इलाके में उनकी नियुक्ति पर अब राजनीति शुरू हो गई है।
TMC और अखिलेश यादव ने उठाए सवाल
बंगाल चुनाव के दौरान ऑब्ज़र्वर बने, उप्र के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी का जो अभद्र वीडियो सरेआम चल रहा है, उससे उत्तर प्रदेश सरकार के शासन-प्रशासन की छवि बेहद क्षतिग्रस्त हुई है साथ ही भाजपा सरकार के तथाकथित ‘महिला सम्मान’ व ‘नारी वंदन’ के दावों की पोल भी महिलाओं के सामने पूरी तरह…
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) April 28, 2026
अजय पाल शर्मा की तैनाती को लेकर तृणमूल कांग्रेस ने चुनाव आयोग की मंशा पर प्रश्नचिह्न लगाया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि क्या आयोग को वहां इतना बड़ा खतरा महसूस हो रहा है कि एक एनकाउंटर विशेषज्ञ को भेजना पड़ा? वहीं, समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव भी पूर्व में अजय पाल शर्मा की कार्यशैली पर सवाल उठा चुके हैं।
अब सबकी नजरें दूसरे चरण के मतदान पर टिकी हैं। देखना होगा कि चुनाव आयोग की यह ‘सख्त रणनीति’ बंगाल के चुनावी माहौल को कितना निष्पक्ष रख पाती है।



