लखनऊ (राजधानी न्यूज): मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को प्रदेश के युवाओं के लिए खुशियों का पिटारा खोल दिया। लखनऊ में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में सीएम ने ऐलान किया कि इस साल यूपी पुलिस में 1 लाख नई भर्तियां की जाएंगी। इनमें सिपाही, दरोगा और होमगार्ड के पद शामिल होंगे। कार्यक्रम के दौरान सीएम ने पुलिस रेडियो शाखा के 936 रेडियो ऑपरेटरों को जॉइनिंग लेटर सौंपे और उनके साथ फोटो भी खिंचवाई।

9 साल में 2.20 लाख भर्तियां: एक नया रिकॉर्ड
सीएम योगी ने पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए पुलिस बल के आधुनिकीकरण और पारदर्शी चयन प्रक्रिया का ब्योरा दिया:
पारदर्शिता का दावा: सीएम ने कहा कि रेडियो ऑपरेटरों की भर्ती में किसी को सिफारिश या पैसे की जरूरत नहीं पड़ी। आरक्षण के नियमों का पालन करते हुए पूरी तरह निष्पक्षता बरती गई।
भर्ती का आंकड़ा: पिछले 9 वर्षों में यूपी पुलिस में 2 लाख 20 हजार से अधिक कर्मियों की भर्ती हुई है। सीएम ने तंज कसते हुए कहा कि कई राज्यों की कुल पुलिस फोर्स भी इतनी नहीं होती। इसमें 500 से अधिक कुशल खिलाड़ियों को भी शामिल किया गया है।
ट्रेनिंग क्षमता: 2017 से पहले प्रदेश में एक बार में सिर्फ 3,000 कर्मियों को ट्रेनिंग देने की क्षमता थी, जिसे बढ़ाकर अब 60 हजार से अधिक कर दिया गया है।
नए उत्तर प्रदेश में आज ऐसा पारदर्शी वातावरण तैयार किया गया है कि यदि व्यक्ति में क्षमताएं हैं तो कोई उसको आगे बढ़ने से नहीं रोक सकता।
इसी शृंखला में आज उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा निष्पक्ष एवं पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के अंतर्गत @Uppolice दूरसंचार विभाग… pic.twitter.com/94yuLrTG2y
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) April 28, 2026
“कानून का राज ही विकास की गारंटी”
मुख्यमंत्री ने पुलिस को देश की आर्थिक प्रगति का आधार बताया:
निवेश का माहौल: “कानून का राज विकास की पहली गारंटी होता है। इसी माहौल की वजह से बड़े निवेशक यूपी आ रहे हैं। पुलिस ने प्रदेश को गुंडा और माफिया मुक्त बनाया है।”
आधुनिक बुनियादी ढांचा: प्रदेश में 10 ऐसे जिले थे जहां पुलिस लाइन तक नहीं थी। आज वहां हाईराइज बैरक, मॉडल थाने और आधुनिक फायर स्टेशन बन चुके हैं।
फिटनेस मंत्र: सीएम ने नवनियुक्त कर्मियों को शारीरिक और मानसिक रूप से फिट रहने की सलाह दी।

सुरेश खन्ना ने कविता से बढ़ाया उत्साह
इस अवसर पर वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने भी अपनी बात रखी। उन्होंने एक प्रेरक कविता पढ़ी— “सारे जहां का दर्द लिए मैं चला तो था, फिर अपनी जरूरत का सुख भा गया मुझे…”। उन्होंने नवनियुक्त ऑपरेटरों को याद दिलाया कि यह केवल एक नौकरी नहीं, बल्कि समाज में सम्मान दिलाने वाला एक बड़ा दायित्व है।
सीएम ने अंत में जोर देकर कहा कि विकसित भारत का सपना तभी पूरा होगा जब हर नागरिक ईमानदारी से काम करेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब राज्य में जाति या मजहब नहीं, बल्कि केवल योग्यता ही आगे बढ़ने का पैमाना है।



