लखनऊ (राजधानी न्यूज): उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के पारा थाना क्षेत्र से एक बेहद सनसनीखेज और झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। यहां प्रयागराज में तैनात एक महिला उपनिरीक्षक (दरोगा) ने अपने ही ससुर पर तमंचे के बल पर दुष्कर्म करने और पति व ससुराल वालों पर जानलेवा हमला करने का बेहद गंभीर आरोप लगाया है। पुलिस की वर्दी पहनने वाली महिला सब-इंस्पेक्टर का आरोप है कि रसूखदार ससुराल पक्ष के आगे स्थानीय पारा थाना पुलिस पिछले चार दिनों से उसकी सुनवाई नहीं कर रही थी, जिसके बाद उसने पुलिस कमिश्नर की चौखट पर पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई है।
अंतर्जातीय विवाह के बाद प्रताड़ना और इस्तीफा देने का दबाव
गायत्रीपुरम निवासी पीड़िता ने पुलिस कमिश्नर को सौंपी अपनी लिखित तहरीर में ससुराल के भीतर नरक बनी अपनी जिंदगी का पूरा ब्योरा दिया है:
- जातिसूचक टिप्पणियां: पीड़िता ने बताया कि उसकी शादी 14 फरवरी 2025 को हुई था। चौरसिया समाज से ताल्लुक रखने वाली पीड़िता का आरोप है कि शादी के बाद से ही ठाकुर बिरादरी के उसके ससुराल वाले उस पर लगातार जातिसूचक फब्तियां कसते और मानसिक रूप से प्रताड़ित करते थे।
- वर्दी उतरवाने की जिद: पीड़िता का आरोप है कि उसकी पुलिस की वीआईपी नौकरी को लेकर ससुराल में रोज कलह होती थी। सास, ससुर और पति द्वारा उस पर दरोगा पद से इस्तीफा देने और घर पर बैठने के लिए शारीरिक व मानसिक रूप से भारी दबाव बनाया जाता था।
लाइसेंसी हथियार के बल पर ससुर ने किया दुष्कर्म
महिला दरोगा ने अपनी तहरीर में ससुर की घिनौनी करतूत का खुलासा करते हुए बताया कि शादी के कुछ समय बाद ही उसके ससुर की नीयत उस पर बिगड़ गई। आरोप है कि एक दिन ससुर ने अपने लाइसेंसी हथियार के बल पर डरा-धमकाकर बहू (महिला दरोगा) के साथ जबरन दुष्कर्म (रेप) की वारदात को अंजाम दिया। पीड़िता ने जब इस घिनौनी हरकत की शिकायत अपने पति, सास और ननद से की, तो इंसाफ मिलने के बजाय पूरी गृहस्थी ने मिलकर पीड़िता को ही जान से मारने की धमकी दी और उसका मुंह बंद करा दिया।
जबरन संबंध और चूहा मार दवा देकर कमरे में किया बंद
ससुराल वालों का जुल्म यहीं नहीं रुका, बल्कि नए साल में प्रताड़ना की सारी हदें पार हो गईं:
- 19 जनवरी की वारदात: पीड़िता का आरोप है कि 19 जनवरी 2026 को उसके पति ने उसकी मर्जी के खिलाफ क्रूरतापूर्वक जबरन शारीरिक संबंध बनाए। जब महिला दरोगा ने इसका कड़ा विरोध किया, तो पति और ससुराल वालों ने उसे बेरहमी से पीटा और जबरन चूहे मारने वाला जहर (दवा) मुंह में ठूंस दिया।
- अस्पताल में हुई जान की रक्षा: जहर देने के बाद आरोपियों ने उसे मरते हुए छोड़ कमरे में बाहर से ताला बंद कर दिया। किसी तरह पीड़िता ने छुपकर अपने पिता को फोन पर पूरी आपबीती बताई, जिसके बाद मायके वाले मौके पर पहुंचे और उसे गंभीर हालत में लखनऊ के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों ने उसकी जान बचाई।
पिता पर लोहे की रॉड से हमला और बेटी पर सीधी फायरिंग
अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद भी जब मामला नहीं सुलझा और पीड़िता के पिता समझौते व बातचीत के इरादे से दामाद के घर पहुंचे, तो दबंग दामाद ने ससुर (पीड़िता के पिता) पर लोहे की रॉड से जानलेवा हमला कर दिया और माथे पर रिवॉल्वर तानकर जान से मारने की धमकी दी।
हद तो तब हो गई जब बीते 25 मई की सुबह पति ने घर के भीतर महिला दरोगा पर सीधे असलहे से फायरिंग झोंक दी। गोली की आवाज सुनकर पीड़िता ने सूझबूझ दिखाई और बाल-बाल बचते हुए अपनी जान बचाने के लिए फौरन छत के रास्ते पड़ोसियों की तरफ भाग खड़ी हुई।
पारा पुलिस पर मिलीभगत का आरोप, एसीपी ने संभाली कमान
महिला सब-इंस्पेक्टर ने स्थानीय पारा थाना पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए आरोप लगाया कि वह पिछले चार दिनों से न्याय के लिए थाने की चौखट पर चक्कर काट रही है, लेकिन आरोपियों के रसूख और प्रभाव के कारण पुलिस ने उसकी एक न सुनी। पीड़िता ने स्थानीय दरोगा और सिपाहियों पर आरोपियों से सांठगांठ का भी आरोप लगाया है।
इस हाई-प्रोफाइल और संवेदनशील मामले के तूल पकड़ने के बाद एसीपी (ACP) काकोरी शकील अहमद ने मोर्चा संभाला है। उन्होंने आधिकारिक बयान जारी कर बताया:
एसीपी शकील अहमद ने कहा: “एक महिला सब-इंस्पेक्टर से जुड़ा यह गंभीर मामला पूरी तरह से हमारे संज्ञान में आ चुका है। आरोपों की संवेदनशीलता को देखते हुए मामले की पूरी तरह निष्पक्ष और गहन जांच शुरू कर दी गई है। कानून सबके लिए बराबर है; जांच रिपोर्ट के आधार पर ससुर, पति समेत जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई कर जेल भेजा जाएगा।”




