सारनाथ (वाराणसी): उत्तर प्रदेश की राजनीति और खाकी को शर्मसार करने वाला एक मामला सामने आया है। राज्य सरकार के कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर के गनर (सुरक्षाकर्मी) प्रशांत राय को सारनाथ पुलिस ने यौन शोषण और दुराचार के आरोप में गिरफ्तार किया है। आरोपी पर एक युवती ने शादी का झांसा देकर 4 साल तक शारीरिक शोषण करने और जबरन गर्भपात कराने के गंभीर आरोप लगाए हैं।
4 साल का काला चिट्ठा: विश्वासघात और शारीरिक शोषण
पीड़िता ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि आरोपी सिपाही प्रशांत राय, जो मूल रूप से मिर्जापुर का रहने वाला है, पिछले 8 वर्षों से पुलिस सेवा में है।
कैसे हुई शुरुआत: पीड़िता का आरोप है कि आरोपी ने अजगरा थाना क्षेत्र की रहने वाली युवती से नंबर एक्सचेंज कर जान-पहचान बढ़ाई। बाद में सारनाथ के बेनीपुर में किराए का कमरा लेकर वह उसे वहां ले गया।
शारीरिक शोषण और गर्भपात: पिछले 4 सालों में युवती को शादी का झांसा देकर लगातार शारीरिक संबंध बनाए। इस दौरान वह दो बार गर्भवती हुई, लेकिन आरोपी ने उसे मिर्जापुर ले जाकर जबरन गर्भपात (Abortion) करा दिया।
वित्तीय और शारीरिक उत्पीड़न: पीड़िता के अनुसार, आरोपी ने इस दौरान उससे हजारों रुपये भी ऐंठे और कई बार उसके साथ मारपीट व जानलेवा हमला भी किया।

25 अप्रैल को रचाई गुपचुप शादी
आरोपी सिपाही की शातिर चाल तब सामने आई जब वह युवती को अंधेरे में रखकर 25 अप्रैल को प्रयागराज में किसी अन्य महिला से शादी कर ली। शादी के लिए उसने विभाग से छुट्टी ली थी, लेकिन उस दौरान भी वह फोन के जरिए पीड़िता के संपर्क में बना रहा और उसे झांसा देता रहा।
कैसे खुला राज और क्या हुई कार्रवाई?
1 मई को सोशल मीडिया पर वायरल हुई शादी की तस्वीरों को देखकर पीड़िता को धोखे का पता चला। जब उसने आरोपी से इस बारे में सवाल किया, तो वह गोलमोल जवाब देने लगा। अंततः, 4 मई को पीड़िता ने सारनाथ थाने पहुंचकर तहरीर दी।
पुलिस की कार्रवाई: शिकायत दर्ज होते ही सारनाथ पुलिस हरकत में आई। सिपाही को थाने तलब कर कड़ाई से पूछताछ की गई, जिसमें वह अपने ही बयानों में उलझ गया और अपना जुर्म कबूल कर लिया।

गिरफ्तारी और निलंबन: पुलिस ने साक्ष्यों और सीडीआर (CDR) के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। साथ ही, विभाग को पत्र लिखकर उसे निलंबित करने और विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
शादी की छुट्टी लेकर गया था घर
सारनाथ थानाध्यक्ष ने बताया कि आरोपी सिपाही पिछले कुछ दिनों से अवकाश पर था और अपनी शादी के लिए छुट्टी लेकर मिर्जापुर घर गया था। इसकी शादी का पूरा समारोह 25 अप्रैल को प्रयागराज में आयोजित किया गया था। अब इसकी तैनाती लाइन में है।
शादी की छुटटी लेने के लिए सिपाही ने कुछ दिन पहले लाइन में आमद कराई थी, जिसके बाद आरआई ने कैबिनेट मंत्री के बाद अस्थायी रूप से दूसरा गनर भेज दिया, फिर वापसी नहीं हुई तो गनर की सशस्त्र रवानगी भी नहीं हुई।




