नई दिल्ली/लखनऊ: देश की राजनीति में महिलाओं की हिस्सेदारी को लेकर एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए केंद्र सरकार ने गुरुवार देर रात महिला आरक्षण अधिनियम-2023 को लागू कर दिया है। केंद्रीय कानून मंत्रालय द्वारा इसका नोटिफिकेशन जारी होने के साथ ही संसद में महिलाओं को 33% आरक्षण देने का रास्ता साफ हो गया है।
आज लोकसभा में महिला आरक्षण और परिसीमन से जुड़े तीन बिलों पर चर्चा का दूसरा दिन है। सदन में आज का दिन काफी हंगामेदार रहने के आसार हैं, क्योंकि दोपहर 3 बजे विपक्ष की ओर से राहुल गांधी अपना पक्ष रखेंगे, जिसके बाद गृह मंत्री अमित शाह सरकार की ओर से जवाब देंगे। शाम 4 बजे इन बिलों पर वोटिंग होनी है।
देर रात 1 बजे तक चली बहस: प्रियंका गांधी ने उठाए सवाल
लोकसभा में चर्चा के पहले दिन करीब 13 घंटे तक बहस चली, जो देर रात एक बजे तक जारी रही।
विपक्ष का डर: कांग्रेस की ओर से प्रियंका गांधी ने मोर्चा संभालते हुए कहा कि सरकार परिसीमन के नाम पर असम की तरह देशभर की सीटों की काट-छांट करना चाहती है। गौरव गोगोई और के.सी. वेणुगोपाल ने भी बिल के मौजूदा स्वरूप का विरोध किया।
रणनीति: वोटिंग से पहले संसद परिसर में इंडिया गठबंधन के नेताओं (खड़गे, राहुल गांधी आदि) की अहम बैठक चल रही है, जिसमें आगे की रणनीति तय की जा रही है।
पीएम की ‘मोदी गारंटी’: “क्रेडिट विपक्ष ले ले, काम हम करेंगे”
सदन में अपने 35 मिनट के संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्ष के डर को दूर करने की कोशिश की:
भेदभाव नहीं होगा: पीएम ने स्पष्ट किया कि परिसीमन की प्रक्रिया में किसी भी राज्य के साथ कोई भेदभाव नहीं किया जाएगा। उन्होंने इसे ‘मोदी की गारंटी’ बताया।
क्रेडिट की राजनीति: पीएम ने तंज कसते हुए कहा कि अगर विपक्ष को लगता है कि यह उनका विचार था, तो वे खुशी-खुशी इसका क्रेडिट ले सकते हैं, लेकिन सरकार इसे धरातल पर उतारने के लिए प्रतिबद्ध है।
लोकसभा स्पीकर ने चर्चा के लिए कुल 15 घंटे का समय निर्धारित किया है। आज शाम होने वाली वोटिंग पर पूरे देश की नजरें टिकी हैं, क्योंकि यह बिल आने वाले चुनावों में देश की लोकतांत्रिक संरचना को पूरी तरह बदल देगा।



