लखनऊ (राजधानी न्यूज): उत्तर प्रदेश की सियासत में ‘पोस्टर वार’ एक बार फिर अपने चरम पर पहुंच गया है। यूपी बीजेपी के आधिकारिक ट्विटर (X) हैंडल से समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के खिलाफ एक बेहद विवादित और तीखा राजनीतिक हमला किया गया है। बीजेपी ने अखिलेश यादव का एक ‘वांटेड’ (Wanted) पोस्टर जारी किया है, जिसमें उन पर गंभीर तंज कसे गए हैं।
पोस्टर में क्या लिखा है?
बीजेपी द्वारा जारी किए गए इस पोस्टर में अखिलेश यादव को सीधे तौर पर निशाना बनाते हुए कई विवादास्पद बातें लिखी गई हैं:
महिला विरोधी होने का आरोप: पोस्टर में प्रमुखता से लिखा गया है कि ‘महिलाओं के अधिकारों के विरोध में अखिलेश यादव वांटेड हैं।’ यह हमला हाल ही में संसद में महिला आरक्षण बिल के गिरने और उस पर सपा के रुख को लेकर माना जा रहा है।
टोटी चोरी का जिक्र: पोस्टर के नीचे बेहद विवादित लहजे में लिखा गया है— ‘आखिरी बार टोटी चुराते हुए देखा गया।’ यह उस पुराने विवाद की ओर इशारा है जब अखिलेश यादव द्वारा मुख्यमंत्री आवास खाली करने के बाद वहां से टोटियां गायब होने के आरोप लगे थे।
बीजेपी का सोशल मीडिया पर ‘डिजिटल प्रहार’
यूपी बीजेपी ने इस पोस्टर को साझा करते हुए यह संदेश देने की कोशिश की है कि अखिलेश यादव और उनकी पार्टी महिला सशक्तिकरण की विरोधी है। बीजेपी का यह हमला उस वक्त आया है जब महिला आरक्षण विधेयक (131वां संशोधन) सदन में दो-तिहाई बहुमत न मिलने के कारण गिर गया है, और भाजपा इसका पूरा दोष विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ और विशेषकर सपा पर मढ़ रही है।
सपा खेमे में भारी नाराजगी
बीजेपी के इस ‘वांटेड’ पोस्टर के बाद समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं और नेताओं में भारी आक्रोश है। सपा समर्थकों का कहना है कि बीजेपी बुनियादी मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए इस तरह के व्यक्तिगत और अमर्यादित हमले कर रही है। लखनऊ की राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चा तेज है कि सपा भी जल्द ही इसका ‘जवाबी पोस्टर’ जारी कर सकती है।



