लखनऊ (राजधानी न्यूज): राजधानी के बक्शी का तालाब (BKT) थाना क्षेत्र के इंदौराबाग स्थित ‘तेजस हॉस्पिटल’ में मानवता और डॉक्टर के पेशे को कलंकित करने वाली एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। मिर्गी के दौरे पड़ने के कारण अस्पताल में भर्ती 12वीं की एक छात्रा के साथ अस्पताल के मालिक और मुख्य डॉक्टर ने ऑपरेशन थिएटर (OT) के भीतर दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। इस वीभत्स मामले में प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक के सीधे हस्तक्षेप और कड़े रुख के बाद स्वास्थ्य विभाग और पुलिस प्रशासन हरकत में आया। आरोपी डॉक्टर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है और अस्पताल को परमानेंट सील कर दिया गया है।

ऑक्सीजन लगाने के बहाने ओटी में ले गया डॉक्टर
पीड़ित छात्रा के पिता द्वारा पुलिस में दर्ज कराई गई शिकायत के मुताबिक, उनकी 18 वर्षीय बेटी को मिर्गी के दौरे पड़ते थे, जिसके बेहतर इलाज के लिए उन्होंने 19 मई को उसे तेजस हॉस्पिटल में भर्ती कराया था।
- बड़ी बहन और नर्स को निकाला बाहर: 21 मई (गुरुवार) को दोपहर करीब 3 बजे अचानक बेटी को सांस लेने में तकलीफ हुई। इस पर मुख्य डॉक्टर विजय गिरी उसे ऑक्सीजन लगाने के बहाने ऑपरेशन थिएटर (OT) के अंदर ले गया। डॉक्टर के साथ पीड़िता की बड़ी बहन और अस्पताल की एक नर्स भी अंदर गई थी, लेकिन कुछ ही देर बाद डॉक्टर ने दोनों को बहाना बनाकर ओटी से बाहर भेज दिया और अंदर का दरवाजा बंद कर लिया।
कलाई के वीगो (Vigo) से दिया बेहोशी का इंजेक्शन
पीड़िता ने पुलिस और मजिस्ट्रेट के सामने दिए अपने आधिकारिक बयान में डॉक्टर की पूरी हैवानियत का खुलासा किया।
पीड़िता का बयान: “डॉक्टर ने इलाज के बहाने पहले गंदी नीयत से मेरे शरीर पर हाथ लगाया। जब मैंने विरोध करने की कोशिश की, तो उसने मेरी कलाई में पहले से लगे वीगो (Vigo) के जरिए एक तेज बेहोशी का इंजेक्शन डाल दिया। इसके बाद मैं पूरी तरह सुध-बुध खो बैठी और उसने मेरे साथ गलत काम किया। जब मुझे थोड़ा होश आया, तो मैं रोते और भागते हुए ओटी से बाहर आई और परिवार को रोते हुए आपबीती सुनाई।”
झांसी से की थी BAMS की डिग्री, खुद को बताता था MBBS
पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की शुरुआती संयुक्त जांच में अस्पताल के भीतर चल रहे बड़े फर्जीवाड़े और नेक्सस का पर्दाफाश हुआ है:
- फर्जी एलोपैथिक डॉक्टर: आरोपी डॉ. विजय गिरी वास्तव में एक आयुर्वेदिक (BAMS) डिग्रीधारक है, जिसने झांसी से अपनी पढ़ाई पूरी की थी। लेकिन वह मरीजों और क्षेत्र की जनता को झांसा देने के लिए खुद को बड़ा ‘MBBS डॉक्टर’ बताता था और किराए की बिल्डिंग लेकर 2022 से अवैध रूप से एलोपैथिक पद्धति (हॉस्पिटल और ओटी) संचालित कर रहा था।
- इंटर पास स्टाफ और सीएमओ ऑफिस की सांठगांठ: हैरान करने वाली बात यह है कि इस मल्टीस्पेशलिटी के नाम पर चल रहे अस्पताल का पूरा स्टाफ और नर्स केवल इंटरमीडिएट (12वीं) पास थे। पुलिस को अंदेशा है कि मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) कार्यालय के कुछ भ्रष्ट अधिकारियों के साथ सांठगांठ और मोटी सेटिंग के चलते इस फर्जी अस्पताल पर पिछले 4 साल से कोई कार्रवाई नहीं हो रही थी। यहां तक कि एसीपी (ACP) द्वारा दस्तावेज मांगे जाने पर भी सीएमओ दफ्तर के बाबू चुप्पी साधे बैठे रहे।

डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक का कड़ा रुख; ‘X’ पर किया एलान
मामला जैसे ही सोशल मीडिया और मीडिया के जरिए चर्चा में आया, उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने इसका तुरंत संज्ञान लिया और स्वास्थ्य व आयुर्वेदिक विभाग के आला अधिकारियों को मौके पर जाकर फौरन कार्रवाई के निर्देश दिए।
डिप्टी सीएम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर आधिकारिक पोस्ट साझा करते हुए लिखा:
“उत्तर प्रदेश सरकार पीड़ित बिटिया व उसके परिवार के साथ खड़ी है। मैं पूरे प्रदेश को भरोसा दिलाता हूं कि इस घिनौने कृत्य के आरोपी चिकित्सक को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाएगी। आरोपी का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित करने और उसकी आयुर्वेदिक डिग्री को पूरी तरह जब्त करने हेतु अधिकारियों को मेरे द्वारा सख्त निर्देश जारी कर दिए गए हैं।”
लखनऊ के बक्शी का तालाब (इंदौराबाग) स्थित तेजस हॉस्पिटल में 12वीं की छात्रा से दुष्कर्म के प्रकरण में उक्त अस्पताल को सील करने एवं अस्पताल संचालक आरोपी डॉ० विजय गिरी का चिकित्सकीय लाइसेंस तत्काल निलंबित करने एवं आयुर्वेदिक चिकित्सकीय डिग्री को जब्त करने हेतु आयुर्वेदिक विभाग के…
— Brajesh Pathak (@brajeshpathakup) May 22, 2026
प्रशासनिक व पुलिस कार्रवाई
डिप्टी सीएम के हंटर चलते ही स्वास्थ्य विभाग के अफसर एम्बुलेंस और क्रेन के साथ इंदौराबाग पहुंचे और तेजस हॉस्पिटल के सभी मरीजों को दूसरे सरकारी अस्पताल में शिफ्ट कराकर पूरे परिसर को सील कर दिया। बीकेटी थाना पुलिस ने आरोपी डॉ. विजय गिरी के खिलाफ दुष्कर्म, धोखाधड़ी और मेडिकल एक्ट की गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसे स्थानीय कोर्ट में पेश किया, जहां से कोर्ट ने आरोपी को न्यायिक हिरासत में सीधे जेल भेज दिया है। सीएमओ ऑफिस के दोषी बाबुओं की भूमिका की भी जांच की जा रही है।






