CM Yogi का बकरीद से पहले सख्त अल्टीमेटम: ‘सड़कों पर नहीं होगी नमाज; प्यार से मानेंगे ठीक, वरना दूसरा तरीका अपनाएंगे’

लखनऊ (राजधानी न्यूज): उत्तर प्रदेश में बकरीद के त्योहार से ठीक एक सप्ताह पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कानून-व्यवस्था और धार्मिक आयोजनों को लेकर बेहद कड़ा और स्पष्ट संदेश दिया है। सोमवार को राजधानी लखनऊ में आयोजित ‘अमर उजाला’ के एक विशेष कार्यक्रम में शामिल हुए सीएम योगी ने साफ तौर पर कहा कि प्रदेश में किसी भी कीमत पर सड़कों को जाम करके नमाज पढ़ने की इजाजत नहीं दी जाएगी। उन्होंने दोटूक शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा, “सड़कों पर नमाज नहीं पढ़ने दी जाएगी। प्यार से मानेंगे ठीक है, नहीं मानेंगे तो दूसरा तरीका अपनाएंगे।”

‘सड़कों पर अराजकता नहीं होने देंगे, शिफ्ट में पढ़ें नमाज’

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार किसी की धार्मिक स्वतंत्रता या इबादत के खिलाफ नहीं है, बल्कि सार्वजनिक सुरक्षा और यातायात को लेकर गंभीर है।

  • तय जगह का करें इस्तेमाल: सीएम ने कहा, “नमाज पढ़नी है तो तय जगह पर (मस्जिद या ईदगाह में) पढ़िए। अगर नमाजियों की संख्या ज्यादा है, तो एक साथ सड़क पर आने के बजाय अलग-अलग शिफ्ट में नमाज पढ़ लीजिए। हम नमाज नहीं रोकेंगे, लेकिन सड़क पर अराजकता और अव्यवस्था होने की छूट किसी को नहीं देंगे।”
  • संख्या नियंत्रण पर बेबाक टिप्पणी: बातचीत के दौरान उन्होंने एक पुराने प्रसंग का जिक्र करते हुए कहा, “कुछ लोगों ने मुझसे कहा था कि साहब हमारी संख्या ज्यादा है, कैसे होगा? मैंने उनसे कहा कि अगर तुम्हारे घर में रहने की जगह नहीं है, तो संख्या कंट्रोल कर लो। जब सामर्थ्य नहीं है, तो क्यों बेकार में संख्या बढ़ाई जा रही है? सभी को सिस्टम से रहना होगा और कानून का राज मानना होगा।”

बरेली बवाल का जिक्र: ‘ताकत आजमाने वालों ने अंजाम देख लिया’

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में पूर्व में हुए उपद्रवों का हवाला देते हुए दंगाइयों को चेताया। उन्होंने सितंबर 2025 में बरेली में ‘आई लव मोहम्मद’ विवाद के बाद हुए पथराव और बवाल का जिक्र किया।

सीएम योगी ने कहा: “बरेली में कुछ लोगों ने (कानून व्यवस्था पर) हाथ आजमाया था, लेकिन उन्होंने सरकार की ताकत भी देख ली। कानून की नजर में सभी बराबर हैं। किसी को भी सड़क जाम करने या माहौल बिगाड़ने की छूट नहीं दी जाएगी।” (गौरतलब है कि सितंबर 2025 में मुस्लिम नेता मौलाना तौकीर रजा के धरना प्रदर्शन के आह्वान के दौरान बरेली में पथराव हुआ था, जिसके बाद पुलिस ने सख्त लाठीचार्ज कर स्थिति संभाली थी।)

बरेली लाठीचार्ज में चप्पल छोड़कर भागे थे लोग

‘पहले कट्टा-बम बनते थे, अब ब्रह्मोस मिसाइल बन रही है’

उत्तर प्रदेश के बदलते स्वरूप और औद्योगिक विकास को रेखांकित करते हुए सीएम योगी ने कहा कि आज राज्य की वैश्विक छवि बदल चुकी है।

  • माफिया राज का अंत: उन्होंने कहा, “पहले प्रदेश की पहचान कट्टा और बम से होती थी, लेकिन आज यहां ब्रह्मोस मिसाइल बन रही है। अगर माहौल नकारात्मक होगा तो ‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन माफिया’ पैदा होगा, लेकिन सकारात्मक माहौल होने के कारण आज यूपी ‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट’ (ODOP) के रूप में फल-फूल रहा है।”
  • 1 ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी: उन्होंने दावा किया कि बेहतर सुरक्षा और कानून व्यवस्था के चलते यूपी में तेजी से विदेशी निवेश आ रहा है, जिससे रोजगार के नए अवसर बढ़ रहे हैं। उत्तर प्रदेश बेहद जल्द ‘1 ट्रिलियन डॉलर’ की इकोनॉमी बनने की दिशा में अग्रसर है।

महिला सुरक्षा और रेवेन्यू सरप्लस पर गर्व

मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले उत्तर प्रदेश को ‘बीमारू राज्य’ कहा जाता था, जहां महिलाएं दिन के उजाले में भी बाहर निकलने से डरती थीं। लेकिन आज परिदृश्य बदल चुका है; बेटियां और महिलाएं बेखौफ होकर नाइट शिफ्ट में काम कर रही हैं और सुरक्षित घर लौट रही हैं। अब किसी भी अपराधी में बेटियों से छेड़खानी करने की हिम्मत नहीं है। उन्होंने गर्व से कहा कि यूपी अब एक ‘रेवेन्यू सरप्लस स्टेट’ बन चुका है और पिछले 6 सालों से लगातार मुनाफे में है, जिसके कारण अब राज्य को विकास के लिए किसी के आगे हाथ फैलाने की जरूरत नहीं पड़ती।

पश्चिम बंगाल चुनाव का किया उल्लेख

अपने संबोधन के अंत में सीएम योगी ने हाल ही में संपन्न हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के प्रचार के दौरान उठाए गए मुद्दों को भी दोहराया। उन्होंने बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तुष्टीकरण की राजनीति का आरोप लगाते हुए कहा कि दीदी वहां सड़कों पर नमाज पढ़वाती हैं और हिंदू त्योहारों पर पाबंदी लगाती हैं, लेकिन उत्तर प्रदेश में ऐसा दोहरा मापदंड नहीं चलेगा। उत्तर प्रदेश का मूल मंत्र स्पष्ट है— “नो कर्फ्यू, नो दंगा, यूपी में सब चंगा।”

 

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