लखनऊ (राजधानी न्यूज): राजधानी लखनऊ में सोमवार को विधानसभा के बाहर समाजवादी पार्टी की महिला कार्यकर्ताओं ने जमकर हंगामा और प्रदर्शन किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देशवासियों से एक साल तक सोना न खरीदने की अपील के विरोध में सपा कार्यकर्ता बापू भवन की ओर से दौड़ते हुए विधानसभा पहुंचीं और परिसर घेरने की कोशिश की। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक और खींचतान देखने को मिली।

चौधरी चरण सिंह प्रतिमा के सामने प्रदर्शन
पुलिस ने जब प्रदर्शनकारियों को मुख्य गेट पर रोकने का प्रयास किया, तो महिलाएं विधानसभा गेट पर स्थित चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा के सामने सड़क पर लेट गईं और नारेबाजी शुरू कर दी।
- नारेबाजी: प्रदर्शनकारी महिलाओं ने पीएम मोदी और सीएम योगी के खिलाफ जमकर नारे लगाए।
- पोस्टर वॉर: महिलाओं के हाथ में पोस्टर थे, जिन पर लिखा था— “महिलाओं का मंगलसूत्र छीनने वाली सरकार नहीं चाहिए”।
“मंगलसूत्र पर हमला है सोना न खरीदने की अपील”
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रही महिला सभा की प्रदेश सचिव संजना पटेल ने प्रधानमंत्री की अपील को नीतियों की विफलता करार दिया।
- उन्होंने कहा कि सोना खरीदने से रोकना सीधे तौर पर महिलाओं को मंगलसूत्र पहनने से रोकने जैसा है।
- वहीं, कार्यकर्ता रंजना यादव ने आरोप लगाया कि एक तरफ यूपी में महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं और दूसरी तरफ सरकार ऐसे बयान दे रही है जिससे महिलाओं के अधिकारों और सम्मान पर चोट पहुंच रही है। उन्होंने मांग की कि प्रधानमंत्री अपनी बात तुरंत वापस लें।

पुलिस पर बदसलूकी और लात मारने का आरोप
प्रदर्शन के दौरान माहौल तब और गरमा गया जब पुलिस ने महिलाओं को हिरासत में लेना शुरू किया।
- घसीटकर हटाया: पुलिसकर्मियों ने प्रदर्शनकारियों को सड़क से घसीटते हुए और टांगकर गाड़ियों में बैठाया।
- गंभीर आरोप: रंजना यादव ने आरोप लगाया कि कार्रवाई के दौरान पुलिस ने उनके कपड़े फाड़ दिए और पेट पर लात मारी।
- इको गार्डन शिफ्ट: पुलिस ने काफी मशक्कत के बाद सभी प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया और उन्हें बस के जरिए इको गार्डन भेज दिया।





