लखनऊ (राजधानी न्यूज): लखनऊ विश्वविद्यालय (LU) में फीस वृद्धि को लेकर चल रहा गतिरोध अब और गहरा गया है। सोमवार को छात्र संगठन NSUI और समाजवादी छात्रसभा के कार्यकर्ताओं ने कैंपस में एक अनोखा प्रदर्शन किया। छात्रों ने हाथ में कटोरा और प्लेट लेकर ‘भीख’ मांगी और विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
प्रॉक्टोरियल बोर्ड से नोकझोंक और सिक्कों की राजनीति
प्रदर्शनकारी छात्रों ने कैंपस में घूम-घूमकर भीख मांगी और इकट्ठा हुए सिक्कों को ले जाकर प्रॉक्टोरियल बोर्ड को सौंप दिया।
विवाद की वजह: सिक्के सौंपते समय छात्रों और प्रॉक्टोरियल बोर्ड के सदस्यों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। छात्रों का कहना है कि विश्वविद्यालय प्रशासन धन की कमी का बहाना बनाकर छात्रों की जेब पर बोझ डाल रहा है।
विपक्ष का साथ: इससे पहले छात्र संगठन SFI ने भी प्रशासन पर मनमानी का आरोप लगाते हुए बढ़ी हुई फीस को तत्काल वापस लेने की मांग की थी।

“महंगी फीस और जहरीला पानी”: छात्रों का गंभीर आरोप
प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने न केवल फीस बल्कि कैंपस की बुनियादी सुविधाओं पर भी सवाल उठाए:
दूषित पानी का दावा: छात्रों ने आरोप लगाया कि लाखों रुपये की फीस वसूलने के बावजूद उन्हें पीने के लिए दूषित पानी दिया जा रहा है।
702 टीडीएस का खतरा: स्टूडेंट्स का दावा है कि कैंपस में पीने के पानी का TDS स्तर 702 पाया गया है, जो स्वास्थ्य के लिहाज से बेहद खतरनाक है। छात्रों ने चेतावनी दी कि यदि पानी की गुणवत्ता और फीस वृद्धि पर जल्द फैसला नहीं लिया गया, तो आंदोलन और उग्र होगा।
फिलहाल, विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस मामले में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है, लेकिन भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती कर कैंपस में शांति बनाए रखने की कोशिश की जा रही है।



