पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी ₹13 से ₹3, डीजल पर जीरो; युद्ध के बीच मोदी सरकार का ऐतिहासिक फैसला, पंपों पर 50% तक बढ़ी भीड़

  • खाड़ी देशों में ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच जारी युद्ध के कारण गहराए वैश्विक ऊर्जा संकट का सीधा असर अब घरेलू बाजार और कर नीतियों पर दिखने लगा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल (Crude Oil) की आपूर्ति बाधित होने से कीमतों में भारी उछाल आया है। इस वैश्विक महंगाई को घरेलू उपभोक्ताओं तक पहुंचने से रोकने के लिए केंद्र सरकार ने एक्साइज ड्यूटी (उत्पाद शुल्क) में बड़ी कटौती की है। नए आदेश के मुताबिक, पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी 13 रुपये से घटाकर 3 रुपये प्रति लीटर कर दी गई है। वहीं, कमर्शियल और ट्रांसपोर्ट सेक्टर पर दबाव कम करने के लिए डीजल पर उत्पाद शुल्क को 10 रुपये से घटाकर शून्य (Zero) कर दिया गया है। टैक्स में इस भारी कटौती के बावजूद, देश के कई हिस्सों में तेल खत्म होने की अफवाहों ने ‘पैनिक बाइंग’ (घबराहट में खरीदारी) की स्थिति पैदा कर दी है, जिससे यूपी सहित देशभर के पेट्रोल पंपों पर भारी भीड़ और अफरा-तफरी का माहौल है।

​अफवाहों से 50% तक उछली मांग और ‘कैश-एंड-कैरी’ का पेंच

​युद्ध के चलते भविष्य में ईंधन संकट गहराने की अफवाहों ने आम जनता में बेचैनी बढ़ा दी है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, पिछले 48 घंटों में पूरे देश में पेट्रोल-डीजल की मांग में औसतन 15% की वृद्धि दर्ज की गई है। छोटे शहरों और कस्बों में यह आंकड़ा सामान्य दैनिक बिक्री की तुलना में 50% से अधिक तक पहुंच गया है। लोग गाड़ियों के टैंक फुल कराने के साथ-साथ कैन में भी तेल भरवा रहे हैं।

​पेट्रोलियम मंत्रालय के मुताबिक, देश में तेल की कोई कमी नहीं है, लेकिन कुछ पेट्रोल पंपों पर सप्लाई की जो दिक्कतें आ रही हैं, उनका कारण ‘कैश-एंड-कैरी’ (नकद भुगतान) प्रणाली है। पेट्रोलियम कंपनियों द्वारा कुछ स्थानों पर यह नियम लागू किया गया है, जिसके तहत डीलरों को एडवांस पेमेंट करने पर ही टैंकर भेजे जा रहे हैं। इस वित्तीय प्रक्रिया के कारण लॉजिस्टिक में कुछ घंटों की देरी हो रही है, जिसे अफवाहों में ‘तेल खत्म होना’ बता दिया गया और इससे कृत्रिम मांग (Artificial Demand) पैदा हो गई।

​आधी क्रूड सप्लाई बाधित, लेकिन भारत के पास 60 दिन का रिज़र्व

​ईरान युद्ध और होर्मुज मार्ग के ब्लॉक होने के कारण वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की 50% तक आपूर्ति बाधित हुई है। इस बीच, हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) और पेट्रोलियम मंत्रालय ने आधिकारिक बयान जारी कर स्पष्ट किया है कि भारत ने अगले 60 दिनों के लिए अन्य स्रोतों से पर्याप्त कच्चे तेल का सुरक्षित भंडार (Reserve) जुटा लिया है। देश के किसी भी हिस्से में पेट्रोल या डीजल की कोई ‘राशनिंग’ नहीं की जा रही है और सभी रिटेल आउटलेट्स पर पर्याप्त स्टॉक मौजूद है।

​मंत्रालय ने यह भी साफ किया है कि जहां दुनिया के कई देश राशनिंग, ‘ऑड-ईवन’ वाहन प्रतिबंध, स्टेशन बंद करने और ‘राष्ट्रीय ऊर्जा आपातकाल’ (National Energy Emergency) जैसी चुनौतियों का सामना कर रहे हैं, भारत में फिलहाल ऐसे किसी आपातकालीन उपाय की आवश्यकता नहीं है। एचपीसीएल और सरकार ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह मजबूत है, इसलिए वे घबराकर अनावश्यक खरीदारी और जमाखोरी से बचें।

​(विश्वसनीय संदर्भ: 1. पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की प्रेस विज्ञप्ति 2026, 2. एचपीसीएल (HPCL) सप्लाई चेन अपडेट, 3. वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) के आंकड़े)

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *