नई दिल्ली (बिजनेस डेस्क): अगर आपके इलाके में पीएनजी (PNG) पाइपलाइन बिछ चुकी है और आपने अभी तक कनेक्शन नहीं लिया है, तो आपकी रसोई का बजट और व्यवस्था जल्द बदलने वाली है। मिडिल-ईस्ट में जारी युद्ध और गैस की वैश्विक किल्लत को देखते हुए केंद्र सरकार ने ‘नेचुरल गैस और पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स डिस्ट्रीब्यूशन ऑर्डर 2026’ लागू कर दिया है। इस नए नियम के तहत, जिन घरों तक पाइपलाइन पहुंच संभव है, वहां 90 दिनों के भीतर पीएनजी कनेक्शन लेना अनिवार्य होगा, अन्यथा एलपीजी (LPG) सिलेंडर की सप्लाई स्थायी रूप से बंद कर दी जाएगी।
सरकार ने यह कदम ‘आवश्यक वस्तु अधिनियम’ के तहत उठाया है ताकि युद्ध जैसे आपातकालीन हालातों में भी ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। नए नियमों के अनुसार, अब हाउसिंग सोसाइटियों या रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) को पाइपलाइन बिछाने के लिए मात्र 3 दिन के भीतर मंजूरी देनी होगी। यदि कोई सोसाइटी इसमें अड़ंगा डालती है, तो वहां रहने वाले सभी निवासियों की सिलेंडर सप्लाई रोकी जा सकती है।
किराएदारों के लिए भी नियम साफ; मकान मालिक के मना करने पर भी कटेगा कनेक्शन
नए नोटिफिकेशन में स्पष्ट किया गया है कि पीएनजी कनेक्शन के लिए घर का मालिक या ‘कानूनी कब्जाधारी’ (किराएदार) आवेदन कर सकता है।
किराएदार का विकल्प: किराएदार रेंट एग्रीमेंट और मकान मालिक की एनओसी (NOC) के जरिए अपने नाम पर कनेक्शन ले सकते हैं।
मकान मालिक की जिम्मेदारी: यदि मकान मालिक फिटिंग के लिए मना करता है, तो भी उस पते पर 90 दिनों के बाद एलपीजी सिलेंडर मिलना बंद हो जाएगा। सरकार का यह नियम व्यक्ति पर नहीं, बल्कि ‘पते’ (Address) पर आधारित है।
रिफिल पर रोक: जिनके पास पहले से पीएनजी है, उन्हें अपना एलपीजी सिलेंडर सरेंडर करना होगा। अब पीएनजी यूजर्स न तो नया एलपीजी कनेक्शन ले पाएंगे और न ही पुराना सिलेंडर रिफिल करा सकेंगे।
जमीन मालिकों को मिलेगा दोगुना मुआवजा; सरकारी विभागों के लिए ‘डीम्ड क्लियरेंस’
सरकार ने पाइपलाइन बिछाने की प्रक्रिया को तेज करने के लिए मुआवजे और मंजूरी के नियमों को भी कड़ा किया है:
24 घंटे में मंजूरी पर 60% मुआवजा: यदि पाइपलाइन निजी जमीन से गुजरती है, तो कमर्शियल सर्किल रेट का 30% मुआवजा मिलेगा। लेकिन अगर मालिक 24 घंटे में मंजूरी देता है, तो उसे 60% मुआवजा दिया जाएगा।
ऑटोमैटिक मंजूरी: सरकारी विभागों को छोटे नेटवर्क के लिए 10 दिन और बड़ी लाइनों के लिए 60 दिन में क्लियरेंस देना होगा। समय सीमा बीतने पर उसे ‘डीम्ड क्लियरेंस’ मानकर काम शुरू कर दिया जाएगा।
सुरक्षा और बचत: पीएनजी न केवल सिलेंडर से सस्ती है, बल्कि इसमें केवल इस्तेमाल की गई गैस का ही भुगतान करना होता है, जिससे उपभोक्ताओं की बचत होगी।
मुख्य जानकारी (Quick Summary):
डेडलाइन: नोटिस मिलने के 90 दिनों के भीतर कनेक्शन लेना जरूरी।
सोसाइटी नियम: 3 दिन में पाइपलाइन मंजूरी अनिवार्य।
मुआवजा: जमीन मालिक को सर्किल रेट का अधिकतम 60% तक लाभ।
अपवाद: जहां तकनीकी रूप से पाइपलाइन संभव नहीं, वहां सिलेंडर मिलता रहेगा।


