लखनऊ/झांसी (प्रशांत त्रिपाठी): उत्तर प्रदेश में मौसम के बदले मिजाज ने तबाही मचाना शुरू कर दिया है। शनिवार को लगातार दूसरे दिन प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश और आंधी का दौर जारी है। सबसे भयावह खबर झांसी से आई, जहां एक बारूद फैक्ट्री पर आकाशीय बिजली गिरने से भीषण विस्फोट हो गया। धमाका इतना जोरदार था कि इसकी गूंज 10 किलोमीटर दूर तक सुनाई दी और फैक्ट्री की छत तक उड़ गई। इस हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई है।
प्रयागराज, बलरामपुर, बहराइच और मिर्जापुर में भी बिजली गिरने से 5 लोगों की जान चली गई है। राजधानी लखनऊ और वाराणसी (काशी) में रातभर रुक-रुककर हुई बारिश ने मार्च के महीने में जनवरी जैसी ठिठुरन पैदा कर दी है। मौसम विभाग ने आज बुंदेलखंड और पूर्वांचल के 23 जिलों में बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया है। पश्चिमी यूपी के मेरठ, अलीगढ़ और मथुरा जैसे जिलों में घना कोहरा छाया रहा, जिससे विजिबिलिटी 100 मीटर तक सिमट गई।
किसानों पर ‘आसमान’ से बरसी आफत: गेहूं-सरसों की फसलें बर्बाद, कृषि विशेषज्ञों ने दी जल निकासी की सलाह
बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने उत्तर प्रदेश के अन्नदाता की कमर तोड़ दी है। ललितपुर में ओले गिरने से सड़कें सफेद चादर जैसी नजर आईं, वहीं खेतों में खड़ी गेहूं, सरसों और अरहर की फसलें जमींदोज हो गई हैं। जालौन और गोरखपुर समेत 10 शहरों में तेज हवाओं के साथ हो रही बूंदाबांदी से दाने झड़ने का खतरा बढ़ गया है।
कृषि विशेषज्ञों का सुझाव:
पक चुकी फसल: जो फसल कटने को तैयार है, उसकी तुरंत कटाई कर सुरक्षित स्थान पर रखें।
जल निकासी: खेतों में पानी जमा न होने दें, जल निकासी की उचित व्यवस्था करें ताकि जड़ें न सड़ें।
फलियां और दाने: अरहर और सरसों में फलियां बन रही हैं, तेज हवा से बचाव के लिए फिलहाल सिंचाई न करें।
लखनऊ के मौसम वैज्ञानिक अतुल सिंह के मुताबिक, वर्तमान में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के कारण रविवार तक मौसम ऐसा ही बना रहेगा। 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी और गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की आशंका है। 23 मार्च से मौसम साफ होने की उम्मीद जताई गई है।

मुख्य आंकड़े (Weather Report):
अलर्ट: 23 जिलों में भारी बारिश और बिजली का अलर्ट।
नुकसान: झांसी में बारूद फैक्ट्री ब्लास्ट, प्रदेश में कुल 6 मौतें।
तापमान: अधिकतम पारे में 5-6 डिग्री सेल्सियस की भारी गिरावट।
फसलें प्रभावित: गेहूं, सरसों, अरहर, चना और सब्जियां।


