नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गुरुवार की रात देश की प्रशासनिक व्यवस्था में एक बड़ा बदलाव करते हुए 9 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में नए राज्यपालों और उपराज्यपालों (LG) की नियुक्ति की है। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सी.वी. आनंद बोस ने अचानक अपने पद से इस्तीफा दे दिया। राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी आदेश के मुताबिक, दिल्ली, बिहार, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, तेलंगाना, हिमाचल प्रदेश, नागालैंड, लद्दाख और तमिलनाडु में नई नियुक्तियां की गई हैं। केंद्र सरकार के इस कदम को राजनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इनमें से कई राज्यों में आने वाले समय में चुनावी हलचल तेज होने वाली है।
दिल्ली को मिला नया उपराज्यपाल और बिहार को सेना का अनुभव
देश की राजधानी दिल्ली में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है। पूर्व राजदूत तरनजीत सिंह संधू को दिल्ली का नया उपराज्यपाल (Delhi LG) नियुक्त किया गया है। संधू को अंतरराष्ट्रीय कूटनीति का लंबा अनुभव है, जिसका फायदा दिल्ली के प्रशासनिक कामकाज में मिल सकता है। वहीं, बिहार की कमान लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) सैयद अता हसनैन को सौंपी गई है, जो अब बिहार के नए राज्यपाल (Bihar Governor) होंगे। जनरल हसनैन भारतीय सेना में अपनी शानदार सेवाओं और रणनीतिक सूझबूझ के लिए जाने जाते हैं। बिहार जैसे राजनीतिक रूप से सक्रिय राज्य में उनकी नियुक्ति को सुरक्षा और कड़े अनुशासन के नजरिए से देखा जा रहा है।
बंगाल में आर.एन. रवि की एंट्री: ममता बनर्जी ने जताया ऐतराज
पश्चिम बंगाल में आर.एन. रवि को नया राज्यपाल बनाया गया है, जो इससे पहले तमिलनाडु के राज्यपाल थे। यह नियुक्ति होते ही राजनीतिक विवाद भी शुरू हो गया है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि गृह मंत्री अमित शाह ने उन्हें फोन पर जानकारी तो दी, लेकिन परंपरा के अनुसार राज्यपाल के नाम पर उनसे कोई सलाह-मशविरा नहीं किया गया। बंगाल और राज्यपाल के बीच पहले भी कई बार खींचतान देखी गई है, ऐसे में आर.एन. रवि की नियुक्ति के बाद राजभवन और राज्य सरकार के रिश्तों पर सबकी नजर रहेगी।
महाराष्ट्र, तेलंगाना और हिमाचल में भी हुए बड़े बदलाव
महाराष्ट्र की जिम्मेदारी अब जिष्णु देव वर्मा को दी गई है, जो पहले तेलंगाना के राज्यपाल थे। वहीं, हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल रहे शिव प्रताप शुक्ला को अब तेलंगाना का नया राज्यपाल नियुक्त किया गया है। हिमाचल प्रदेश में लद्दाख के पूर्व उपराज्यपाल कविंदर गुप्ता को नई जिम्मेदारी मिली है। इसके अलावा, नागालैंड के नए राज्यपाल के रूप में नंद किशोर यादव के नाम पर मुहर लगी है। लद्दाख में दिल्ली के पूर्व एलजी विनय कुमार सक्सेना को भेजा गया है, जबकि तमिलनाडु में केरल के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर को अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इन नियुक्तियों के जरिए केंद्र सरकार ने संवेदनशील राज्यों में अनुभवी चेहरों को आगे किया है। ये सभी बदलाव तत्काल प्रभाव से लागू हो गए हैं और आने वाले कुछ ही दिनों में सभी नए नियुक्त व्यक्ति अपना पदभार ग्रहण कर लेंगे। इन बदलावों का असर आने वाले महीनों में होने वाली राजनीतिक घटनाओं और प्रशासनिक निर्णयों पर स्पष्ट रूप से देखने को मिलेगा।


