नई दिल्ली/लखनऊ (बिजनेस डेस्क): वैश्विक बाजार में जारी उथल-पुथल के बीच भारतीय सर्राफा बाजार से निवेशकों और खरीदारों के लिए चौंकाने वाली खबर आई है। 23 मार्च 2026 को सोने और चांदी की कीमतों में ऐतिहासिक गिरावट दर्ज की गई। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के आंकड़ों के अनुसार, सोने की कीमतों में पिछले 40 साल की सबसे बड़ी गिरावट देखी गई है। 24 कैरेट सोना (10 ग्राम) शाम को ₹7,649 की बड़ी गिरावट के साथ ₹1.40 लाख पर बंद हुआ, जो कुछ ही समय पहले ₹1.47 लाख के स्तर पर था।
चांदी की स्थिति और भी ज्यादा अस्थिर रही। एक किलो चांदी की कीमत में सुबह ₹30,864 की भारी गिरावट आई, लेकिन शाम तक कुछ रिकवरी के बाद यह ₹13,104 के घाटे के साथ ₹2.19 लाख पर बंद हुई। शुक्रवार को चांदी ₹2.32 लाख के स्तर पर थी। जानकारों का मानना है कि अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच चल रही जंग के कूटनीतिक असर और वैश्विक बाजारों में मची हलचल की वजह से कीमती धातुओं के दाम धड़ाम हुए हैं।
शिखर से जमीन पर आए दाम: चांदी 53 दिन में ₹1.67 लाख हुई सस्ती
इस साल की शुरुआत में सोने-चांदी ने अपनी कीमतों के सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए थे, लेकिन अब इनमें भारी ‘क्रैश’ देखा जा रहा है:
सोने का सफर: 29 जनवरी 2026 को सोना अपने उच्चतम स्तर ₹1.76 लाख पर था, जहाँ से अब तक इसमें ₹36,552 की बड़ी कटौती हो चुकी है।
चांदी का सफर: चांदी ने इसी साल जनवरी में ₹3.86 लाख का ऐतिहासिक शिखर छुआ था। पिछले 53 दिनों के भीतर चांदी ₹1.67 लाख सस्ती हो चुकी है।
[Table: Gold & Silver Price Movement 2026] | धातु | ऑल टाइम हाई (29 जनवरी) | मौजूदा रेट (23 मार्च) | कुल गिरावट | | :— | :— | :— | :— | | सोना (10 ग्राम) | ₹1.76 लाख | ₹1.40 लाख | ₹36,552 | | चांदी (1 किलो) | ₹3.86 लाख | ₹2.19 लाख | ₹1.67 लाख |
क्यों हर शहर में अलग होते हैं सोने के दाम? ये हैं 4 मुख्य कारण
अक्सर ग्राहकों के मन में सवाल होता है कि दिल्ली, मुंबई या चेन्नई में रेट अलग क्यों हैं? इसके पीछे ये चार बड़े कारण जिम्मेदार होते हैं:
ट्रांसपोर्टेशन और सिक्योरिटी: आयात केंद्रों से दूरी बढ़ने पर सुरक्षा और ईंधन का खर्च बढ़ जाता है, जिससे दाम ऊपर नीचे होते हैं।
खरीदारी की मात्रा: दक्षिण भारत जैसे क्षेत्रों में खपत ज्यादा होने के कारण ज्वेलर्स को थोक खरीद पर छूट मिलती है, जिसका फायदा ग्राहकों को कम दाम के रूप में मिलता है।
लोकल ज्वेलरी एसोसिएशन: स्थानीय मांग और आपूर्ति के आधार पर क्षेत्रीय संगठन (जैसे मद्रास ज्वेलर्स एसोसिएशन) अपने इलाके का रेट तय करते हैं।
पुराना स्टॉक: जिन ज्वेलर्स ने सस्ते रेट पर पहले ही सोना खरीद रखा है, वे प्रतिस्पर्धा में ग्राहकों को कम कीमत पर सोना दे पाते हैं।


