लखनऊ (राजधानी न्यूज): राजधानी के प्रतिष्ठित किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) कैंपस से मंगलवार को सुरक्षा दस्ते ने एक ऐसे शातिर जालसाज को दबोचा है, जिसने सुरक्षा व्यवस्था की धज्जियां उड़ा रखी थीं। खुद को डॉक्टर बताकर कैंपस में घूमने वाला हसम अहमद मात्र 12वीं पास है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि वह मेडिकल छात्राओं को प्यार के जाल में फंसाकर उनका धर्मांतरण कराने की एक बड़ी साजिश पर काम कर रहा था।
छात्राओं को एम्स और अमेरिका के डॉक्टरों का झांसा
KGMU के प्रवक्ता डॉ. केके सिंह ने बताया कि आरोपी हसम अहमद बेहद शातिर तरीके से कैंपस में अपनी पैठ बना चुका था:
साजिश का खुलासा: वह छात्राओं को एम्स दिल्ली ले जाने और वहां अमेरिका से आए डॉक्टरों से मिलवाने के नाम पर बाहर ले जाने की योजना बना रहा था।
फर्जी लेटरहेड: आरोपी ने KGMU के नाम से फर्जी लेटरहेड बना रखे थे और छात्राओं को दिए गए पत्रों पर जाली हस्ताक्षर भी किए थे।
मेडिकल कैंप का ड्रामा: वह समाजसेवा की आड़ में फर्जी मेडिकल कैंप लगाता था। 20 अप्रैल को ऐसे ही एक कैंप में 20 स्टूडेंट्स मौजूद थे, जहां से शक गहराया।

डॉक्टर की ड्रेस में कई विभागों तक पहुंच
हसम अहमद हमेशा डॉक्टर की सफ़ेद कोट और स्टेथोस्कोप वाली पोशाक में रहता था ताकि कोई शक न करे।
नेटवर्क: उसके संपर्क में KGMU की 20 से ज्यादा छात्राएं थीं। वह दावा करता था कि कई विभागों के स्टाफ से उसके गहरे ताल्लुकात हैं।
पकड़ा गया आरोपी: मंगलवार को सर्जरी विभाग के पास संदिग्ध हालत में दिखने पर सुरक्षा टीम ने जाल बिछाकर उसे पकड़ लिया और वजीरगंज पुलिस के हवाले कर दिया।

12वीं पास और अस्पताल खोलने की तैयारी
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं:
शैक्षणिक योग्यता: वह सिद्धार्थनगर का रहने वाला है और लखनऊ के शिया इंटर कॉलेज से सिर्फ 12वीं तक पढ़ा है।
संस्था का खेल: उसने ‘फैक अहमद मंसूरी’ नाम के व्यक्ति के साथ मिलकर एक संस्था बनाई थी, जिसके जरिए वह मेडिकल कैंप लगाता था।
डॉक्टरों के नाम: उसने एरा मेडिकल कॉलेज और इंटीग्रल यूनिवर्सिटी के कुछ डॉक्टरों के नाम भी बताए हैं जो उसके संपर्क में थे। वह जल्द ही अपना अस्पताल खोलने का दावा भी कर रहा था।
KGMU प्रशासन ने इसे एक बड़ी सोची-समझी साजिश मानते हुए पुलिस से मामले की तह तक जाने की मांग की है। पुलिस अब इस ‘धर्मांतरण एंगल’ और फर्जीवाड़े के पीछे छिपे अन्य चेहरों की तलाश कर रही है।



