नोएडा (राजधानी न्यूज): दिल्ली से सटे नोएडा में सोमवार को वेतन वृद्धि की मांग को लेकर चल रहा कर्मचारियों का आंदोलन हिंसक हो गया। पिछले 3 दिनों (9 अप्रैल) से शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे कर्मचारी अचानक उग्र हो गए और डंडे-लाठी लेकर सड़कों पर उतर आए। देखते ही देखते नोएडा के फेज-2 समेत करीब 10 औद्योगिक इलाके युद्ध का मैदान बन गए।
उपद्रवियों ने न केवल फैक्ट्रियों में पत्थरबाजी और तोड़फोड़ की, बल्कि 150 से अधिक वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया और 50 से अधिक गाड़ियों में आग लगा दी। इस दौरान भीड़ ने पुलिस की गाड़ियों को भी पलट दिया।
कहां और कैसे भड़की हिंसा?
हिंसा की शुरुआत सबसे पहले फेज-2 इलाके से हुई, जहां मदरसन, ऋचा ग्लोबल और पैरामाउंट जैसी कंपनियों के सैकड़ों कर्मचारी जुटे थे।
विस्तार: फेज-2 के बाद यह आग सेक्टर-57, 40, 60 और 85 तक फैल गई।



डिक्सन कंपनी पर हमला: सेक्टर-85 में उपद्रवियों ने डिक्सन कंपनी का मुख्य गेट तोड़ दिया।
चक्का जाम: प्रदर्शनकारियों ने सेक्टर 1, 15, 62 और DND फ्लाईवे के पास रास्ता जाम कर दिया, जिससे दिल्ली-नोएडा बॉर्डर पर घंटों ट्रैफिक ठप रहा।
पुलिस का एक्शन: आंसू गैस के गोले छोड़े, RAF तैनात
हालात बेकाबू होते देख भारी पुलिस बल के साथ RAF (रैपिड एक्शन फोर्स) और PAC की कंपनियां उतार दी गई हैं। जब भीड़ ने पुलिस पर पथराव किया, तो जवाब में पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। पुलिस ने कई उपद्रवियों को हिरासत में लिया है।
बिना लीडर की भीड़: पुलिस के लिए चुनौती यह है कि इस हिंसक प्रदर्शन का कोई चेहरा या नेता नहीं है। इसमें शामिल अधिकांश उपद्रवी 18 से 30 साल के युवा हैं।
हाई-लेवल मॉनिटरिंग: DGP राजीव कृष्ण और ADG (लॉ एंड ऑर्डर) अमिताभ यश कंट्रोल रूम से पल-पल की स्थिति पर नजर रख रहे हैं।
योगी सरकार सख्त: “औद्योगिक अशांति पैदा करने वाले सावधान रहें”
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस घटना की जांच के लिए हाई-लेवल कमेटी का गठन किया है। सीएम ने कहा कि सरकार श्रमिकों के हितों के साथ है, लेकिन कानून हाथ में लेने वालों और औद्योगिक शांति भंग करने वालों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने जनता से अफवाहों से बचने की अपील की है।
क्या हैं कर्मचारियों की मुख्य मांगें?
पुलिस के मुताबिक, नोएडा फेज-2 के इंडस्ट्रियल एरिया में स्थित विभिन्न कंपनियों के कर्मचारी पिछले 3 दिनों से वेतन वृद्धि (Salary Hike) की मांग कर रहे थे। सुनवाई न होने और प्रबंधन के अड़ियल रवैये के कारण यह असंतोष हिंसा में बदल गया। फिलहाल पूरे इलाके में धारा-144 लागू कर दी गई है और सर्च ऑपरेशन जारी है।



