लखनऊ, 23 फरवरी 2026: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के सीतापुर रोड स्थित एस.आर. ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस का भव्य सभागार आज राष्ट्रभक्ति और अनुशासन के अनूठे संगम का गवाह बना। अवसर था उत्तर प्रदेश पूर्व सैनिक संयुक्त संस्था के ‘द्वितीय प्रादेशिक अधिवेशन’ का। इस कार्यक्रम में प्रदेश के कोने-कोने से आए सैकड़ों वरिष्ठ पूर्व सैनिकों, जिला अध्यक्षों और पदाधिकारियों ने शिरकत कर अपनी एकजुटता का परिचय दिया।
अधिवेशन का माहौल पूरी तरह से सेना के गौरव और राष्ट्र सेवा के संकल्प से ओतप्रोत रहा। कार्यक्रम की शुरुआत शहीदों को नमन और राष्ट्रगान के साथ हुई, जिसके बाद पूर्व सैनिकों की समस्याओं और उनके भविष्य की योजनाओं पर गंभीर मंथन किया गया।
पेंशन विसंगतियों और कल्याणकारी योजनाओं पर मंथन
अधिवेशन के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए उत्तर प्रदेश पूर्व सैनिक संयुक्त संस्था के प्रदेश महासचिव वेटरन कृष्ण प्रकाश चौहान ने कहा कि यह आयोजन केवल एक औपचारिक मुलाकात नहीं है। इसका मूल उद्देश्य पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के सामने आ रही जटिल समस्याओं—जैसे पेंशन विसंगतियां, पुनर्वास, चिकित्सा सुविधाओं का अभाव और सामाजिक सुरक्षा—के समाधान के लिए एक संगठित मोर्चा तैयार करना है।
वेटरन कृष्ण प्रकाश चौहान ने जोर देकर कहा कि सेना से सेवानिवृत्त होने के बाद भी एक सैनिक राष्ट्र के प्रति समर्पित रहता है, ऐसे में शासन और प्रशासन की जिम्मेदारी है कि उनकी जायज मांगों को प्राथमिकता के आधार पर सुना जाए।
मुख्य अतिथि विधायक पवन सिंह चौहान ने बढ़ाया मान
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एस.आर. ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के प्रबंध निदेशक एवं विधानसभा सदस्य (MLA) पवन कुमार सिंह चौहान रहे। उन्होंने अपने प्रेरणादायी संबोधन में कहा कि पूर्व सैनिक केवल रिटायर्ड कर्मचारी नहीं हैं, बल्कि वे हमारे राष्ट्र की शक्ति और त्याग के जीवंत प्रतीक हैं।
विधायक चौहान ने आश्वासन दिया कि पूर्व सैनिकों के अधिकारों की रक्षा और उनके सम्मान के लिए वे हर स्तर पर शासन के साथ संवाद करेंगे। उन्होंने कहा, “एक सैनिक कभी रिटायर नहीं होता, वह जीवनभर समाज के लिए अनुशासन की प्रेरणा बना रहता है।”

उत्कृष्ट सेवा के लिए वेटरन्स का सम्मान
अधिवेशन में संस्था के प्रति निष्ठा और उत्कृष्ट सेवा भाव दिखाने वाले सदस्यों को सम्मानित भी किया गया। संस्था के संरक्षक वेटरन आर. के. पांडे ने 6 उत्कृष्ट सदस्यों को स्मृति चिन्ह एवं तिरंगा पट्टी प्रदान कर सम्मानित किया। इसके साथ ही प्रदेश अध्यक्ष वेटरन अजमेर बहादुर सिंह ने 15 समर्पित पदाधिकारियों को प्रशस्ति पत्र देकर उनके कार्यों की सराहना की।
यह सम्मान समारोह उन सभी पूर्व सैनिकों के लिए गौरव का क्षण था, जो सेवानिवृत्ति के बाद भी सामाजिक कार्यों और संगठन को मजबूत करने में दिन-रात एक कर रहे हैं।
एकजुटता ही समाधान का मार्ग
प्रदेश अध्यक्ष वेटरन अजमेर बहादुर सिंह के नेतृत्व में आयोजित इस अधिवेशन में प्रदेश उपाध्यक्ष वेटरन अरुण कुमार द्विवेदी, वेटरन ओ. पी. त्रिवेदी और प्रवक्ता श्रीराम शिवहरे सहित कई वरिष्ठ वेटरन्स ने अपने विचार रखे। संगठन के सभी पदाधिकारियों ने एक स्वर में कहा कि “संगठन ही शक्ति है।”
उत्तर प्रदेश पूर्व सैनिक संयुक्त संस्था ने प्रदेशभर के समस्त पूर्व सैनिकों से भावपूर्ण अपील की है कि वे इस साझा मंच से जुड़ें। संगठन का मानना है कि जब तक प्रदेश का हर पूर्व सैनिक एक सूत्र में नहीं बंधेगा, तब तक शासन-प्रशासन तक अपनी आवाज प्रभावी ढंग से पहुँचाना संभव नहीं होगा।
अधिवेशन में उपस्थित प्रमुख पदाधिकारी
संस्था के इस ऐतिहासिक समागम में उत्तर प्रदेश के सैन्य समाज की कई प्रमुख विभूतियाँ उपस्थित रहीं:
वेटरन सुरेश वर्मा (प्रदेश कोषाध्यक्ष)
वेटरन अजय सिंह (संयोजक)
वेटरन आर. पी. कटियार (वरिष्ठ पदाधिकारी)
वेटरन भगत सिंह रावत (क्षेत्रीय अध्यक्ष)
अधिवेशन के अंत में “एक्जुट पूर्व सैनिक, सशक्त समाज और सम्मानित राष्ट्र” के संकल्प के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। संस्था ने प्रत्येक पूर्व सैनिक परिवार को उनका हक दिलाने का संकल्प दोहराया।


