लखनऊ: उत्तर प्रदेश में शनिवार को कड़ी सुरक्षा और अभूतपूर्व सतर्कता के बीच ईद का पर्व मनाया जा रहा है। लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी, आगरा और संभल सहित राज्य के सभी प्रमुख शहरों में लाखों अकीदतमंदों ने मस्जिदों और ईदगाहों में नमाज अदा की। इस बार की ईद में धार्मिक उल्लास के साथ-साथ तीखी सियासी हलचल और खाड़ी देशों में चल रहे भू-राजनीतिक युद्ध का सीधा असर भी देखने को मिला। जहां एक ओर राजधानी लखनऊ में राजनीतिक दिग्गजों का जमावड़ा लगा, वहीं संभल में अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम को लेकर भारी आक्रोश दर्ज कराया गया। इस बीच, यूपी पुलिस का एक बेहद मानवीय और सौम्य चेहरा भी लोगों के आकर्षण का केंद्र बना रहा।
ऐशबाग ईदगाह में सियासी हलचल: अखिलेश के समर्थन में लगे नारे, बेकाबू हुई भीड़
लखनऊ के ऐतिहासिक ऐशबाग ईदगाह में शनिवार सुबह नमाज के बाद का माहौल पूरी तरह से सियासी रंग में रंगा नजर आया। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव जैसे ही लोगों को ईद की मुबारकबाद देने ईदगाह पहुंचे, वहां मौजूद भारी भीड़ अचानक बेकाबू हो गई। सुरक्षाकर्मियों को स्थिति संभालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। नमाज अदा करने आए युवाओं का हुजूम अखिलेश यादव के इर्द-गिर्द इकट्ठा हो गया और ‘अखिलेश यादव जिंदाबाद’ के जोरदार नारे लगाने लगा। इस मौके पर केवल सपा प्रमुख ही नहीं, बल्कि पूर्व डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा और कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय भी लोगों के बीच पहुंचे और गले मिलकर ईद की दिली शुभकामनाएं दीं।
संभल में दिखा युद्ध का गुस्सा: खामेनेई की मौत पर काली पट्टी बांधकर नमाज
खाड़ी देशों में चल रहे ईरान-इजरायल युद्ध की आग उत्तर प्रदेश के संभल जिले तक पहुंच गई है। संभल में शिया समुदाय के हजारों लोगों ने अपने हाथ में काली पट्टी बांधकर नमाज अदा की और अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया। यह विरोध प्रदर्शन हाल ही में मिसाइल हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई और अन्य ईरानी नागरिकों के मारे जाने के खिलाफ था। नमाज खत्म होने के ठीक बाद नमाजियों ने अमेरिका और इजरायल के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस घटनाक्रम ने स्पष्ट कर दिया है कि मध्य पूर्व के भू-राजनीतिक तनाव का मनोवैज्ञानिक असर भारतीय जनमानस पर भी गहराई से पड़ रहा है।
यूपी पुलिस का मानवीय चेहरा: कानपुर से वाराणसी तक अफसरों ने बच्चों पर लुटाया प्यार
त्यौहार के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ ही यूपी पुलिस के आला अधिकारियों का एक बेहद संवेदनशील और मानवीय रूप भी सामने आया। कानपुर में पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल खुद सड़क पर उतरे और एक छोटे बच्चे को गोद में लेकर दुलारते व बधाई देते नजर आए। इसी तरह, कानपुर में ही जब एक पिता अपने बच्चे को कंधे पर बिठाकर नमाज अदा करने पहुंचा, तो डीसीपी पूर्वी सत्यजीत गुप्ता ने आगे बढ़कर बच्चे से हाथ मिलाया और उसे ईद की शुभकामनाएं दीं। वाराणसी में भी सुरक्षा का जायजा ले रहे डीआईजी शिवहरि मीना ने एक छोटे बच्चे को गोद में बिठाकर अपना स्नेह लुटाया, जिसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही हैं।
सड़कों पर नमाज नहीं: मौलाना खालिद रशीद की अपील और यूपी की सुरक्षा व्यवस्था
शांति व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए सभी जिलों के पुलिस कप्तान और आला अफसर खुद सड़कों पर मुस्तैद रहे और नमाज के दौरान लोगों के बीच मौजूद रहे। इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया के अध्यक्ष मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने इस अवसर पर एक बेहद महत्वपूर्ण अपील की। उन्होंने सभी मुसलमानों से गुजारिश की कि वे नमाज केवल मस्जिदों और ईदगाहों के अंदर ही अदा करें और किसी भी कीमत पर सड़कों पर इबादत न करें ताकि यातायात और आम जनजीवन प्रभावित न हो। इस अपील का जमीन पर व्यापक असर दिखा और राज्य भर में नमाज शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई।
(विश्वसनीय संदर्भ सूत्र: 1. यूपी पुलिस हेडक्वार्टर (DGP) लॉ एंड ऑर्डर बुलेटिन, 2. इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया लखनऊ प्रेस रिलीज, 3. पीटीआई (PTI) ग्राउंड रिपोर्ट्स फ्रॉम यूपी, 4. अंतरराष्ट्रीय मामलों पर द हिंदू (The Hindu) का क्षेत्रीय प्रभाव विश्लेषण)


