By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
The Lucknow 360The Lucknow 360The Lucknow 360
  • होम
  • ताज़ा ख़बरें
  • लखनऊ
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • दुनिया
  • राजनीति
  • व्यापार
    • टेक्नोलॉजी
  • और देखें
    • नौकरी
    • अपराध
    • मौसम
    • मनोरंजन
    • स्वास्थ्य
    • शिक्षा
    • जन मुद्दे
    • विशेष रिपोर्ट
  • खेल
  • संपादकीय
Reading: ‘घूसखोर पंडत’ पर सुप्रीम कोर्ट सख्त: नाम बदले बिना रिलीज नहीं, Netflix और मेकर्स को नोटिस
Share
Notification
Font ResizerAa
The Lucknow 360The Lucknow 360
Font ResizerAa
  • होम
  • ताज़ा खबरें
  • देश
  • उत्तर प्रदेश
  • लखनऊ
  • राजनीति
  • ताज़ा खबरें
  • देश
    • दुनिया
  • उत्तर प्रदेश
    • लखनऊ
  • राजनीति
  • खेल
  • विशेष रिपोर्ट
  • व्यापार
    • टेक्नोलॉजी
    • नौकरी
  • शिक्षा
  • मनोरंजन
Have an existing account? Sign In
Follow US

© 2026 The Lucknow 360. All Rights Reserved.

Proudly Made by Akshant Media Solution

The Lucknow 360 > मनोरंजन > ‘घूसखोर पंडत’ पर सुप्रीम कोर्ट सख्त: नाम बदले बिना रिलीज नहीं, Netflix और मेकर्स को नोटिस
मनोरंजनराजनीति

‘घूसखोर पंडत’ पर सुप्रीम कोर्ट सख्त: नाम बदले बिना रिलीज नहीं, Netflix और मेकर्स को नोटिस

Desk
Last updated: February 12, 2026 2:21 PM
Desk
1 month ago
Share
Supreme Court on Ghuskhore Pandit Title Controversy, Netflix Neeraj Pandey Notice
SHARE

बॉलीवुड: फिल्म ‘घूसखोर पंडत’ के टाइटल को लेकर उठा विवाद अब देश की सबसे बड़ी अदालत तक पहुंच चुका है। गुरुवार को Supreme Court of India ने फिल्ममेकर और Netflix India को कड़ी फटकार लगाते हुए स्पष्ट कर दिया कि समाज के किसी भी वर्ग को ऐसे नाम से बदनाम नहीं किया जा सकता। अदालत ने साफ कहा कि जब तक फिल्म का बदला हुआ नाम अदालत के सामने नहीं रखा जाएगा, तब तक इसे रिलीज की अनुमति नहीं दी जाएगी।

Contents
  • कोर्ट का सख्त रुख: नया नाम बताइए, तभी मिलेगी मंजूरी
  • विवाद की शुरुआत: टीजर रिलीज होते ही बढ़ा विरोध
  • मेकर्स की सफाई और टीजर हटाने का फैसला
  • आगे क्या? 19 फरवरी पर टिकी निगाहें

जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस उज्जल भुइयां की बेंच ब्राह्मण समाज की ओर से दायर जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी। सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता महत्वपूर्ण है, लेकिन यह किसी समुदाय की गरिमा की कीमत पर नहीं हो सकती। कोर्ट ने सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) और फिल्म निर्माता नीरज पांडे को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

कोर्ट का सख्त रुख: नया नाम बताइए, तभी मिलेगी मंजूरी

सुनवाई के दौरान बेंच ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि फिल्म का मौजूदा शीर्षक आपत्तिजनक प्रतीत होता है और इससे एक विशेष सामाजिक वर्ग की छवि प्रभावित हो सकती है। कोर्ट ने निर्माता से पूछा कि वे फिल्म का नाम बदलकर क्या नया नाम रखना चाहते हैं और इस संबंध में उसी दिन जवाब देने को कहा। साथ ही नीरज पांडे को यह भी निर्देश दिया गया कि वे हलफनामा दाखिल कर स्पष्ट करें कि फिल्म किसी भी सामाजिक वर्ग का अपमान नहीं करती।

अदालत ने यह भी कहा कि फिल्म निर्माण एक रचनात्मक प्रक्रिया है, लेकिन जब किसी शब्द का ऐतिहासिक, धार्मिक या सामाजिक महत्व हो, तो उसके इस्तेमाल में अतिरिक्त सावधानी अपेक्षित है। कोर्ट ने कहा कि अगर शीर्षक से समाज में तनाव या आक्रोश की स्थिति बनती है, तो इसे हल्के में नहीं लिया जा सकता।

मामले की अगली सुनवाई 19 फरवरी को तय की गई है। तब तक फिल्म की रिलीज पर अनिश्चितता बनी रहेगी। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला भविष्य में फिल्म और वेब सीरीज के शीर्षकों को लेकर एक अहम नजीर साबित हो सकता है।

विवाद की शुरुआत: टीजर रिलीज होते ही बढ़ा विरोध

https://cdn1.wionews.com/prod/wion/images/2025/20250825/image-1756111223791.jpeg?format=webp&imheight=600&imwidth=800&quality=medium&rect=%280%2C180%2C840%2C630%29
https://images.news18.com/ibnkhabar/uploads/2026/02/image-13-2026-02-a6d39a6c6fe3d6fdf6c6c06ef23ae8c8-3x2.jpg?im=FitAndFill%2Cwidth%3D1200%2Cheight%3D675
https://images.moneycontrol.com/static-mcnews/2026/02/20260203143615_Ghooskhor-Pandat-teaser-introduces-Manoj-Bajpayee-as-corrupt-officer.jpg?height=720&impolicy=website&width=1280

दरअसल, 3 फरवरी 2026 को नेटफ्लिक्स ने अभिनेता

टीजर में मनोज बाजपेयी सीनियर इंस्पेक्टर अजय दीक्षित के किरदार में नजर आते हैं, जिन्हें दिल्ली में ‘पंडित’ के नाम से जाना जाता है। कहानी के मुताबिक, वे एक ऐसे पुलिस अधिकारी हैं जिनकी छवि भ्रष्टाचार से जुड़ी हुई है। टीजर में दिखाया गया कि वे 20 साल पहले एसआई के रूप में भर्ती हुए थे, लेकिन अपने विवादित फैसलों और कारनामों के चलते कई बार डिमोट किए गए।

यही कथानक और शीर्षक का संयोजन विवाद का मुख्य कारण बना। विरोध करने वालों का कहना है कि ‘पंडत’ जैसे शब्द को भ्रष्टाचार से जोड़कर पेश करना पूरे समुदाय को गलत रोशनी में दिखाता है।

मेकर्स की सफाई और टीजर हटाने का फैसला

विवाद बढ़ने के बाद नेटफ्लिक्स इंडिया ने फिल्म का टीजर और उससे जुड़े सभी प्रमोशनल कंटेंट को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और यूट्यूब चैनल से हटा लिया। निर्माता नीरज पांडे ने इंस्टाग्राम पर जारी बयान में कहा कि यह फिल्म एक काल्पनिक पुलिस ड्रामा है और ‘पंडत’ शब्द का इस्तेमाल केवल एक काल्पनिक किरदार के उपनाम के रूप में किया गया है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि कहानी का फोकस एक व्यक्ति के पेशेवर जीवन और उसके फैसलों पर है, न कि किसी जाति, धर्म या समुदाय पर। नीरज पांडे ने कहा कि वे एक जिम्मेदार फिल्ममेकर के रूप में अपनी भूमिका को गंभीरता से लेते हैं और किसी भी समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाना उनका उद्देश्य नहीं है।

मेकर्स की ओर से यह भी कहा गया कि फिल्म मनोरंजन के उद्देश्य से बनाई गई है और इसमें किसी प्रकार की दुर्भावना नहीं है। हालांकि, अदालत के सख्त रुख के बाद अब यह देखना दिलचस्प होगा कि निर्माता नया शीर्षक क्या प्रस्तावित करते हैं।

आगे क्या? 19 फरवरी पर टिकी निगाहें

अब इस पूरे विवाद की अगली कड़ी 19 फरवरी की सुनवाई पर निर्भर करेगी। अदालत यह देखेगी कि निर्माता की ओर से दिया गया हलफनामा और नया प्रस्तावित नाम कितना संतोषजनक है। अगर अदालत को जवाब संतोषजनक नहीं लगा, तो फिल्म की रिलीज पर लंबा कानूनी अड़ंगा लग सकता है।

फिल्म उद्योग से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला रचनात्मक स्वतंत्रता और सामाजिक जिम्मेदारी के बीच संतुलन की बहस को फिर से तेज करेगा। वहीं, उत्तर प्रदेश और देश के अन्य हिस्सों में लोग इस फैसले को सामाजिक संवेदनशीलता के नजरिए से देख रहे हैं।

कुल मिलाकर, ‘घूसखोर पंडत’ विवाद ने यह साफ कर दिया है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी कंटेंट को लेकर कानूनी और सामाजिक जवाबदेही उतनी ही अहम है जितनी पारंपरिक सिनेमा में। अब सभी की नजर सुप्रीम कोर्ट की अगली सुनवाई और मेकर्स के अगले कदम पर टिकी है।

लखनऊ में बाबा का बुलडोजर ‘फुल स्पीड’ में! 155 बीघा पर कटी अवैध कॉलोनियां मिट्टी में मिलीं
US-Israel-Iran War: अमेरिका ने भारत से लौट रहे ईरानी युद्धपोत को डुबोया, Submarin हमले में 87 की मौत
पहली बार रविवार को पेश हुआ देश का बजट; निर्मला सीतारमण 9वीं बार पेश कर रही हैं, जनता की उम्मीदें आसमान पर
कंगना ने राहुल गांधी को कहा ‘टपोरी’, बोलीं- उन्हें देखकर महिलाएं असहज महसूस करती हैं
शंकराचार्य विवाद पर बरेली सिटी मजिस्ट्रेट का इस्तीफा; अलंकार अग्निहोत्री बोले– जान को खतरा, बंधक बनाकर गाली दी
TAGGED:Brahmin Society PetitionCBFC NoticeFilm Title DisputeGhuskhore Pandit ControversyI&B Ministry NoticeManoj BajpayeeNeeraj PandeyNetflix IndiaSupreme Court
Share This Article
Facebook Email Print
Share
Previous Article Uttar Pradesh Budget 2025-26 Highlights, Yogi Government Big Budget, UP Budget Schemes योगी सरकार ने पेश किया 9.12 लाख करोड़ का बजट; शादी में 1 लाख, मेडिकल कॉलेज, यूनिवर्सिटी, स्कूटी, 10 लाख को रोजगार
Next Article Deputy CM ब्रजेश पाठक ने किया 101 बटुकों का सम्मान: बोले- शिखा खींचना महापाप
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

about us

Lucknow 360" is a digital news platform india, based in Lucknow. Focused on credible, factual, and ground-based journalism.
The platform delivers timely news, in-depth reports, and public-interest stories, covering local, regional, and national issues with editorial responsibility and journalistic integrity.

  • अपराध
  • खेल
  • जन मुद्दे
  • टेक्नोलॉजी
  • नौकरी
  • मनोरंजन
  • देश
  • दुनिया
  • राजनीति
  • शिक्षा
  • विशेष रिपोर्ट
  • राय / संपादकीय
  • About Us
  • Terms and Conditions
  • Editorial Ethics Policy
  • Disclaimer
  • DMCA

Find Us on Socials

© 2026 The Lucknow 360. All Rights Reserved. Proudly Made by Akshant Media Solution

Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?