Iran-Israel War: खाड़ी देशों में भड़के ईरान-इजरायल महायुद्ध की आग अब उत्तर प्रदेश के छोटे से गांवों तक पहुँच गई है। सऊदी अरब के रियाद शहर में काम करने गए सीतापुर जिले के एक 26 वर्षीय युवक की मिसाइल हमले में दर्दनाक मौत हो गई है। यह घटना तब हुई जब युवक अपनी पत्नी से फोन पर बात कर रहा था। महमूदाबाद से लेकर सिधौली और आस-पास के पूरे इलाके में इस दुखद खबर के फैलते ही मातम पसरा हुआ है। गरीबी दूर करने के लिए विदेश गए इस बेटे का शव अब तिरंगे या कफन में लिपटने का इंतजार कर रहा है, लेकिन 48 घंटे बीत जाने के बाद भी प्रशासनिक लापरवाही के चलते परिवार दर-दर भटकने को मजबूर है।
फोन पर कट गई जिंदगी की डोर: ‘पीछे से एक तेज धमाके की आवाज आई और…’
सीतापुर के महमूदाबाद थाना क्षेत्र के बघाइन गांव के रहने वाले 26 वर्षीय रवि गोपाल पुत्र रवनीत रियाद की एक प्लास्टिक फैक्ट्री में काम करते थे। 18 मार्च 2026 की रात रवि अपनी शिफ्ट खत्म करने के बाद फैक्ट्री परिसर में ही मौजूद थे। भारतीय समयानुसार रात करीब 8 बजकर 20 मिनट पर उन्होंने घर पर अपनी पत्नी रितु को फोन किया। दोनों के बीच बातचीत चल ही रही थी कि रात 9 बजकर 53 मिनट पर अचानक एक भयंकर धमाके की आवाज आई और फोन कट गया।
पत्नी रितु के अनुसार, उस खौफनाक आवाज के बाद उन्होंने और परिवार के अन्य सदस्यों ने पूरी रात कई बार फोन मिलाया, लेकिन मोबाइल लगातार बंद आता रहा। अगले दिन 19 मार्च को रवि के एक स्थानीय दोस्त ने बड़े भाई मनमोहन को फोन पर सूचना दी कि रियाद में हुए एक भीषण मिसाइल हमले में रवि की मौके पर ही मौत हो गई है। यह खबर सुनते ही परिवार के पैरों तले जमीन खिसक गई।
परिवार का इकलौता सहारा था रवि: 4 साल के बेटे के सिर से उठा पिता का साया
रवि गोपाल अपने गरीब परिवार की आर्थिक रीढ़ थे। परिवार की तंगहाली दूर करने और कुछ पैसे कमाने के मकसद से ही उन्होंने सऊदी अरब जाने का कठिन फैसला लिया था। 23 सितंबर 2020 को मिश्रपुर की रितु के साथ उनकी शादी हुई थी। उनका एक 4 साल का मासूम बेटा ‘आश्रित’ है, जिसे अभी यह भी नहीं पता कि उसके पिता अब कभी लौटकर नहीं आएंगे। रवि दूसरी बार विदेश गए थे; 2025 में अपनी बहन की शादी के लिए वह गांव आए थे और फिर 18 सितंबर 2025 को वापस रियाद चले गए थे। घर में उनके बुजुर्ग पिता रवनीत, मां बैजंती और पत्नी अब बेसुध पड़े हैं। बड़े भाई मनमोहन लखनऊ में प्राइवेट नौकरी करके किसी तरह अपना गुजारा चलाते हैं।
प्रशासनिक संवेदनहीनता: डायल 112 पर सूचना, पर कोई अधिकारी नहीं पहुंचा
इस पूरी मानवीय त्रासदी में सिस्टम की संवेदनहीनता भी खुलकर सामने आई है। रवि की मौत की पुष्टि होने के बाद बदहवास परिजनों ने तुरंत डायल 112 पर कॉल करके पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने फोन पर जानकारी तो दर्ज कर ली, लेकिन आज दो दिन से अधिक का समय (20 मार्च) बीत जाने के बावजूद कोई भी वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी या जिम्मेदार जनप्रतिनधि बघाइन गांव नहीं पहुंचा है। रो-रोकर बेहाल हो चुका परिवार अब भारत सरकार और विदेश मंत्रालय से गुहार लगा रहा है कि उनके बेटे के शव (Dead Body) को जल्द से जल्द रियाद से वापस भारत लाया जाए ताकि वे उसका अंतिम संस्कार कर सकें।


