नई दिल्ली/भोपाल: पश्चिम एशिया में जारी भीषण संघर्ष और कच्चे तेल की आसमान छूती कीमतों का असर अब भारतीय उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ना शुरू हो गया है। निजी क्षेत्र की प्रमुख तेल कंपनी नायरा एनर्जी (Nayara Energy) ने पेट्रोल की कीमतों में ₹5 प्रति लीटर और डीजल में ₹3 प्रति लीटर तक की भारी बढ़ोतरी कर दी है। इस वृद्धि के बाद मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में पेट्रोल ₹111.72 और डीजल ₹94.88 प्रति लीटर के स्तर पर पहुंच गया है।
नायरा एनर्जी, जिसके देशभर में करीब 7,000 पेट्रोल पंप हैं, ने स्पष्ट किया है कि यह बढ़ोतरी अलग-अलग राज्यों के स्थानीय टैक्स और वैट (VAT) के आधार पर भिन्न हो सकती है। कुछ राज्यों में यह इजाफा ₹5.30 प्रति लीटर तक देखा गया है। हालांकि, राहत की बात यह है कि सरकारी तेल कंपनियों (IOCL, HPCL, BPCL) ने फिलहाल सामान्य पेट्रोल-डीजल के दामों में कोई बदलाव नहीं किया है।
कच्चा तेल $100 प्रति बैरल के पार; प्रीमियम और बल्क डीजल में भी लगी आग
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आए उबाल ने भारतीय तेल बाजार में हलचल मचा दी है:
क्रूड ऑयल: 28 फरवरी को ईरान पर हुए हमलों के बाद से ब्रेंट क्रूड की कीमतें $70 से बढ़कर $100 प्रति बैरल के पार निकल गई हैं।
बल्क डीजल: फैक्ट्रियों और बड़े इंडस्ट्रियल यूजर्स के लिए बिकने वाले डीजल के दाम में ₹22 प्रति लीटर की भारी वृद्धि की गई है।
प्रीमियम पेट्रोल: दिल्ली में प्रीमियम पेट्रोल की कीमतें ₹99.89 से बढ़कर ₹101.89 प्रति लीटर हो गई हैं।
केंद्र सरकार का भरोसा: “भंडार पर्याप्त है, नहीं बढ़ेंगे दाम”
विपक्षी हमलों और बढ़ती महंगाई की आशंका के बीच केंद्र सरकार ने बुधवार को स्थिति स्पष्ट की है। सरकार ने दावा किया कि भारत के पास कच्चे तेल का पर्याप्त रणनीतिक भंडार उपलब्ध है। सरकार के अनुसार, देश के किसी भी पेट्रोल पंप पर ईंधन की कोई कमी नहीं है, इसलिए आम जनता को घबराने की जरूरत नहीं है। सरकार की कोशिश है कि सरकारी तेल कंपनियों के जरिए कीमतों को स्थिर रखा जाए ताकि आम आदमी पर महंगाई का बोझ न बढ़े।


