बॉलीवुड क्वीन और भाजपा सांसद कंगना रनौत ने बुधवार को संसद परिसर के बाहर एक ऐसा बयान दिया जिससे दिल्ली से लेकर लखनऊ तक की सियासत गरमा गई है। कंगना ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के व्यवहार पर तीखा हमला बोलते हुए उन्हें ‘टपोरी’ तक कह डाला। कंगना ने मीडिया से बातचीत में कहा कि राहुल गांधी जिस तरह से संसद में आते हैं और ‘तू-तड़ाक’ वाली भाषा का इस्तेमाल करते हैं, उससे महिला सांसदों को काफी ‘अनकम्फर्टेबल’ (असहज) महसूस होता है। कंगना ने तंज कसते हुए कहा, “वह इंटरव्यू दे रहे लोगों को ‘आजा…आजा’ कहकर परेशान करते हैं, यह व्यवहार शोभनीय नहीं है। उन्हें अपनी बहन प्रियंका गांधी से सीखना चाहिए, जिनका आचरण बहुत अच्छा है।”
कंगना का यह गुस्सा 12 मार्च को हुई उस घटना के बाद फूटा है, जिसमें राहुल गांधी संसद के मकर द्वार की सीढ़ियों पर बैठकर चाय-नाश्ता करते हुए विरोध प्रदर्शन करते दिखे थे। इस मामले ने तूल तब पकड़ा जब देश के 204 दिग्गजों (जिनमें 84 पूर्व ब्यूरोक्रेट्स और 116 पूर्व सैनिक शामिल हैं) ने ओपन लेटर लिखकर राहुल से माफी की मांग की। उत्तर प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में भी इस बयान की खूब चर्चा है, क्योंकि राहुल गांधी यूपी से सांसद हैं और कंगना का बेबाक अंदाज हमेशा सुर्खियों में रहता है।
‘संसद कोई फिल्म का स्टूडियो नहीं’— कांग्रेस का पलटवार; अमित शाह बोले- राहुल दुनिया में देश का नाम खराब कर रहे
कंगना के ‘टपोरी’ वाले बयान पर कांग्रेस ने भी पलटवार करने में देरी नहीं की। कांग्रेस सांसद ज्योतिमणि ने कहा कि कंगना के शब्द उनके खुद के चरित्र को दर्शाते हैं और केवल अच्छे कपड़े पहनने से कोई अच्छा इंसान नहीं बन जाता। वहीं, पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा ने करारा जवाब देते हुए कहा, “कंगना को शायद लगता है कि संसद कोई फिल्म का स्टूडियो है, जहां सज-धजकर एक्टिंग करनी होती है। राहुल गांधी यहां कोई फिल्म बनाने नहीं, बल्कि जनता के मुद्दे उठाने आते हैं।” शिवसेना (उद्धव गुट) की सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने भी राहुल का बचाव करते हुए कहा कि उन्होंने 10 साल राहुल के साथ काम किया है और महिलाओं के प्रति उनका सम्मान हमेशा अनुकरणीय रहा है।

विवाद केवल जुबानी जंग तक सीमित नहीं है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी गुवाहाटी की एक सभा में राहुल गांधी को आड़े हाथों लिया। शाह ने सवाल उठाया कि क्या राहुल को यह भी नहीं पता कि नाश्ता करने की सही जगह कौन सी है? उन्होंने कहा कि संसद की सीढ़ियों पर बैठकर चाय-पकौड़े खाना लोकतांत्रिक परंपराओं का अपमान है और इससे दुनिया भर में भारत की छवि खराब हो रही है। दूसरी ओर, 92 साल के पूर्व पीएम एचडी देवगौड़ा ने सोनिया गांधी को दो पन्नों का लंबा पत्र लिखकर गुहार लगाई है कि वे राहुल को समझाएं। देवगौड़ा ने लिखा कि संसद की गरिमा को नारेबाजी और सीढ़ियों पर पिकनिक मनाकर कम नहीं किया जाना चाहिए।


