तेहरान/तेल अवीव (लाइव): पश्चिम एशिया में जारी महायुद्ध अब अपने सबसे विनाशकारी दौर में पहुंच गया है। ईरान और इजराइल के बीच जारी सीधी जंग के 28वें दिन अब यमन के हूती विद्रोही भी आधिकारिक तौर पर युद्ध में शामिल हो गए हैं। इस बीच, इजराइल ने शुक्रवार की रात ईरान के भीतर घुसकर अब तक का सबसे बड़ा हवाई हमला किया है। इजराइली वायुसेना के 50 फाइटर जेट्स ने कई घंटों तक ईरान के तीन प्रमुख इलाकों में बमबारी की।
इजराइली सेना (IDF) के मुताबिक, यह हमला पुख्ता खुफिया जानकारी के आधार पर किया गया था। इन हमलों का मुख्य निशाना ईरान के परमाणु कार्यक्रम और बैलिस्टिक मिसाइल क्षमता को ध्वस्त करना था।
अराक और यज्द में भारी तबाही: परमाणु और मिसाइल प्रोजेक्ट को लगा बड़ा झटका
इजराइली फाइटर जेट्स ने ईरान के सामरिक रूप से महत्वपूर्ण ठिकानों को निशाना बनाया:
अराक (Arak): यहाँ मौजूद ‘हेवी वॉटर प्लांट’ पर हमला किया गया। इजराइल का दावा है कि इस प्लांट का इस्तेमाल परमाणु हथियारों के लिए प्लूटोनियम तैयार करने में किया जा रहा था।
यज्द (Yazd): यहाँ उस फैक्ट्री को तबाह कर दिया गया जहाँ यूरेनियम संवर्धन (Enrichment) के लिए जरूरी विस्फोटक सामग्री तैयार की जाती थी।
मिसाइल इंडस्ट्री: सैन्य ठिकानों पर हुए हमलों में बैलिस्टिक मिसाइल के पुर्जे और एंटी-एयरक्राफ्ट मिसाइल बनाने वाली यूनिट्स को मलबे में तब्दील कर दिया गया है।

इजराइल ने ईरान के खोंडाब (अराक) हेवी वाटर न्यूक्लियर कॉम्प्लेक्स पर शुक्रवार रात हमला किया।
ईरान का पलटवार: सऊदी अरब में अमेरिकी प्रभाव वाले एयरबेस पर हमला
इजराइली हमलों के जवाब में ईरान ने भी बड़ा आक्रामक कदम उठाया है। शुक्रवार रात ईरान ने सऊदी अरब के प्रिंस सुल्तान एयरबेस को निशाना बनाया:
मिसाइल और ड्रोन अटैक: ईरान ने इस एयरबेस पर 6 बैलिस्टिक मिसाइलें और 29 सुसाइड ड्रोन दागे।
भारी नुकसान: इस हमले में कम से कम 15 सैनिक घायल हुए हैं, जिनमें से 5 की हालत बेहद नाजुक बताई जा रही है।
युद्ध का विस्तार: सऊदी अरब में स्थित बेस पर हमले के बाद अब खाड़ी के अन्य देशों में भी युद्ध की लपटें पहुंचने का खतरा बढ़ गया है।


