तेल अवीव/तेहरान (लाइव): मिडिल ईस्ट की जंग अब उस मुकाम पर पहुँच गई है जहाँ से पूरी दुनिया की ऊर्जा सुरक्षा दांव पर है। रविवार सुबह ईरान ने इजराइल पर 4 घातक बैलिस्टिक मिसाइलें दागकर कोहराम मचा दिया। ‘टाइम्स ऑफ इजराइल’ के मुताबिक, इन हमलों में बच्चों समेत 300 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। इससे पहले शनिवार की रात ईरान ने इजराइल के डिमोना और अराद शहरों को निशाना बनाया था, जहाँ इजराइल का बेहद संवेदनशील न्यूक्लियर प्लांट स्थित है। परमाणु प्रतिष्ठानों के करीब हुए इन धमाकों ने वैश्विक स्तर पर रेडिएशन के खतरे और पूर्ण युद्ध की आशंका बढ़ा दी है।
तनाव तब और चरम पर पहुँच गया जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर ईरान को सीधी और आखिरी चेतावनी दे डाली। ट्रंप ने अल्टीमेटम देते हुए लिखा— “अगर 48 घंटे के भीतर होर्मुज स्ट्रेट (Hormuz Strait) को पूरी तरह नहीं खोला गया, तो अमेरिका ईरान के पावर प्लांट पर हमला करेगा। शुरुआत सबसे बड़े प्लांट से होगी।” इसके जवाब में ईरान ने भी दोटूक कहा है कि अगर उसके पावर प्लांट को छुआ गया, तो वह पूरे मिडिल ईस्ट में अमेरिका और इजराइल से जुड़े हर एनर्जी स्ट्रक्चर को मलबे में तब्दील कर देगा।
ईरान के राष्ट्रपति ने पीएम मोदी से की बात: ब्रिक्स (BRICS) से शांति की अपील, नया ‘मिडिल ईस्ट सुरक्षा सिस्टम’ बनाने का सुझाव
युद्ध के इन भीषण बादलों के बीच ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजशकियान ने कूटनीतिक मोर्चा खोल दिया है। शनिवार को उन्होंने भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर लंबी बातचीत की। पजशकियान ने जोर देकर कहा कि BRICS (ब्रिक्स) देशों को अपनी ताकत दिखानी चाहिए और ईरान पर हो रहे हमलों को रोकने में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स को बिना किसी बाहरी दबाव के स्वतंत्र रूप से काम करना चाहिए।
ईरानी राष्ट्रपति ने पीएम मोदी को सुझाव दिया कि मिडिल ईस्ट के देशों को मिलकर अपना खुद का एक ‘नया सुरक्षा सिस्टम’ बनाना चाहिए। उनका मानना है कि इससे इलाके में शांति बनी रहेगी और अमेरिका जैसे बाहरी देशों का दखल कम होगा। भारत ने हमेशा शांति और संवाद का समर्थन किया है, ऐसे में पीएम मोदी के साथ इस बातचीत को वैश्विक कूटनीति में बेहद अहम माना जा रहा है।
ख्य घटनाक्रम (Key Developments):
हमला: इजराइल पर 4 बैलिस्टिक मिसाइलें, 300 लोग घायल।
टारगेट: इजराइल का डिमोना न्यूक्लियर प्लांट क्षेत्र।
ट्रंप का अल्टीमेटम: होर्मुज जलमार्ग खोलने के लिए 48 घंटे की डेडलाइन।
ईरान की जवाबी धमकी: अमेरिकी ऊर्जा ठिकानों को निशाना बनाने की चेतावनी।
डिप्लोमेसी: पजशकियान और पीएम मोदी के बीच फोन पर चर्चा।


