नई दिल्ली/लखनऊ: अगर आप सोना या चांदी खरीदने की योजना बना रहे थे, तो आज की खबर आपके होश उड़ा सकती है। सर्राफा बाजार में आज जो हुआ, उसकी कल्पना शायद ही किसी ने की होगी। 20 मार्च 2026 की सुबह निवेशकों के लिए किसी ‘ब्लैक फ्राइडे’ से कम नहीं रही। बाजार खुलते ही कीमती धातुओं की कीमतों में ऐसी भारी गिरावट आई कि देखते ही देखते चांदी 31,462 रुपये प्रति किलो तक लुढ़क गई। वहीं, सोने की चमक भी फीकी पड़ गई और इसमें 11,328 रुपये प्रति 10 ग्राम की बड़ी गिरावट दर्ज की गई।
चांदी की कीमतों में ‘फ्री फॉल’, MCX पर मची खलबली
चांदी के बाजार में आज मानों सुनामी आ गई है। फिलहाल चांदी 2,28,300 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर कारोबार कर रही है। MCX (मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज) पर तो हालत और भी खराब दिखी, जहाँ चांदी की कीमतें एक झटके में 25,000 रुपये तक नीचे आ गईं। इतनी बड़ी गिरावट ने उन लोगों की चिंता बढ़ा दी है जिन्होंने हाल ही में ऊंचे दामों पर निवेश किया था।
क्यों आई इतनी बड़ी गिरावट? ये हैं 3 मुख्य वजहें
1. फेडरल रिजर्व का सख्त रुख: अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। बाजार को उम्मीद थी कि दरें कम होंगी, जिससे सोने को मजबूती मिलेगी, लेकिन ऐसा न होने से निवेशकों ने सोने-चांदी से पैसा निकालकर डॉलर में लगाना शुरू कर दिया।
2. ईरान-इजरायल युद्ध का नया मोड़: आमतौर पर युद्ध के समय सोना महंगा होता है, लेकिन इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण ‘स्ट्रेट ऑफ हॉरमुज’ (Strait of Hormuz) में व्यापारिक रास्ते बंद हो गए हैं। आयात-निर्यात ठप होने और सप्लाई चेन टूटने की वजह से दुनिया भर के बाजारों में अफरा-तफरी का माहौल है।
3. कैश की किल्लत और मुनाफावसूली: युद्ध की आहट के बीच बड़े निवेशकों को नकदी (Cash) की जरूरत है। ग्लोबल मार्केट में मची हलचल की वजह से लोग अपना सोना-चांदी बेचकर मुनाफा काट रहे हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर उनके पास कैश मौजूद रहे। इसी ‘पैनिक सेलिंग’ ने कीमतों को पाताल में धकेल दिया है।
आम आदमी और निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
बाजार के जानकारों का कहना है कि सोने और चांदी की कीमतों में यह गिरावट एक ‘करेक्शन’ है, क्योंकि पिछले कुछ महीनों में कीमतें बहुत ज्यादा ऊपर चली गई थीं। जो लोग शादी-ब्याह के लिए गहने खरीदना चाहते हैं, उनके लिए यह एक अच्छा मौका हो सकता है। हालांकि, निवेशकों को सलाह है कि वे एक साथ सारा पैसा न लगाएं, क्योंकि युद्ध की स्थिति में बाजार अभी और भी उतार-चढ़ाव दिखा सकता है।


