असम: विधानसभा चुनाव 2026 के लिए भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपनी पहली सूची जारी कर सियासी बिसात बिछा दी है। इस हाई-प्रोफाइल लिस्ट में मुख्यमंत्री हिमंता बिस्व सरमा सहित 88 उम्मीदवारों के नामों का ऐलान किया गया है। हिमंता अपनी पारंपरिक और ‘अजेय’ मानी जाने वाली सीट जालुकबारी से छठी बार चुनावी मैदान में उतरेंगे। भाजपा की इस लिस्ट ने सबसे ज्यादा चौंकाया है ‘दलबदलुओं’ को तरजीह देकर। महज 24 घंटे पहले कांग्रेस का हाथ छोड़कर कमल थामने वाले सांसद प्रद्युत बोरदोलोई को पार्टी ने वीआईपी सीट दिसपुर से उम्मीदवार बनाया है।
इतना ही नहीं, करीब 25 दिन पहले भाजपा में शामिल हुए पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष भूपेन बोरा पर भी पार्टी ने भरोसा जताया है और उन्हें चुनावी समर में उतारा है। असम की कुल 126 सीटों के लिए जारी इस पहली लिस्ट से साफ है कि भाजपा पुराने वफादारों के साथ-साथ विपक्षी खेमे से आए कद्दावर चेहरों के दम पर ‘मिशन असम’ को फतह करने की तैयारी में है।
भाजपा केंद्रीय चुनाव समिति ने असम में होने वाले विधानसभा चुनाव 2026 के लिए निम्नलिखित नामों पर अपनी स्वीकृति प्रदान की है। (1/2) pic.twitter.com/awNLn35Laa
— BJP (@BJP4India) March 19, 2026
केरल में भी बीजेपी की ‘सर्जिकल स्ट्राइक’, शशि थरूर बोले- ‘मैं मुख्यमंत्री की दौड़ में नहीं’
असम के साथ-साथ केरल की राजनीति में भी बड़ी हलचल रही। भाजपा ने केरल विधानसभा चुनाव के लिए अपने 39 उम्मीदवारों की दूसरी सूची जारी कर दी है। अब तक केरल में पार्टी कुल 86 चेहरों का ऐलान कर चुकी है। उधर, तिरुवनंतपुरम के सांसद शशि थरूर ने मुख्यमंत्री पद की दौड़ से खुद को बाहर बताते हुए कहा कि सीएम का चुनाव जीते हुए विधायकों के बीच से ही होना चाहिए।
इस चुनावी शोर के बीच एडीआर (ADR) की एक चौंकाने वाली रिपोर्ट भी सामने आई है। केरल के 132 मौजूदा विधायकों के हलफनामों की जांच में खुलासा हुआ है कि 92 विधायकों पर आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें से 33 विधायक ऐसे हैं जिन पर हत्या और हत्या के प्रयास जैसे संगीन जुर्म के आरोप हैं। दागियों की इस फेहरिस्त ने वोटरों के सामने एक गंभीर सवाल खड़ा कर दिया है।


