उत्तर प्रदेश की राजनीति में बॉलीवुड फिल्म ‘धुरंधर 2’ ने एक नया और तीखा भूचाल ला दिया है। फिल्म में कुख्यात माफिया अतीक अहमद जैसे दिखने वाले किरदार (आतिफ) का पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI से कनेक्शन दिखाए जाने पर समाजवादी पार्टी (सपा) सहित अन्य विपक्षी दल इसे सत्ता पक्ष का ‘प्रोपेगेंडा’ बता रहे हैं। इसी बीच, इस सियासी आग में घी डालने का काम रातों-रात लगे कुछ नए होर्डिंग्स ने किया है। राजधानी लखनऊ, अमेठी और सीतापुर समेत यूपी के 10 प्रमुख जिलों में सपा प्रमुख अखिलेश यादव के खिलाफ विवादित पोस्टर लगाए गए हैं। इन होर्डिंग्स में अखिलेश की तुलना सीधे तौर पर फिल्म ‘धुरंधर’ के खूंखार विलेन ‘रहमान डकैत’ से की गई है, जबकि दूसरी तरफ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को ‘धुरंधर सीएम’ के रूप में पेश किया गया है।
’अखिलेश का ल्यारी राज’ बनाम ‘कन्या पूजन’: नैरेटिव की जंग
होर्डिंग का डिजाइन पूरी तरह से दो अलग-अलग राजनीतिक ‘नैरेटिव’ (Narrative) सेट करने के लिए बनाया गया है। होर्डिंग के एक हिस्से में अखिलेश यादव की लाल टोपी और काला चश्मा लगाए एक एडिटेड तस्वीर है, जिसे ‘रहमान डकैत’ के लुक में पेश किया गया है। इसके नीचे बड़े अक्षरों में लिखा है- “अखिलेश का ल्यारी राज”। इस हिस्से में 2012 से 2017 के बीच सपा शासनकाल के दौरान हुए मुजफ्फरनगर और शामली दंगों की पुरानी अखबारों की कटिंग चस्पा की गई है।
वहीं, होर्डिंग के दूसरे सकारात्मक हिस्से में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ‘कन्या पूजन’ करते हुए तस्वीर लगी है, जिसके नीचे लिखा है- “धुरंधर सीएम”। इस तस्वीर के नीचे योगी सरकार द्वारा माफिया अतीक अहमद और मुख्तार अंसारी पर की गई सख्त कानूनी कार्रवाइयों की न्यूज कटिंग लगाई गई है। होर्डिंग के ठीक बीच में जनता से एक मनोवैज्ञानिक सवाल पूछा गया है- “आपको क्या चाहिए?”
कौन है फिल्म का ‘रहमान डकैत’?
होर्डिंग्स में जिस ‘रहमान डकैत’ का जिक्र किया गया है, वह बॉलीवुड ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘धुरंधर’ का मुख्य विलेन था। यह भूमिका मशहूर एक्टर अक्षय खन्ना ने निभाई थी। फिल्म की कहानी के अनुसार, रहमान डकैत पाकिस्तान के कराची स्थित ‘ल्यारी’ (Lyari) इलाके का एक खूंखार डॉन था। अखिलेश यादव के शासनकाल को ‘ल्यारी राज’ बताकर विपक्ष पर अपराधियों और माफियाओं को संरक्षण देने का सीधा प्रहार किया गया है।
10 जिलों में पोस्टर वार, ‘यूथ अगेंस्ट माफिया’ ने लगवाए होर्डिंग्स
यह होर्डिंग वार केवल लखनऊ तक सीमित नहीं है। इन्हें सीतापुर, हरदोई, जौनपुर, बाराबंकी, आजमगढ़, नोएडा, प्रतापगढ़, अमेठी और गोंडा तक फैलाया गया है। लखनऊ में ये होर्डिंग्स मुख्यमंत्री आवास के आसपास, हनुमान सेतु, इंदिरा नगर, हजरतगंज और गोमती नगर जैसे पॉश और वीआईपी (VIP) चौराहों पर लगाए गए हैं।



