लखनऊ: राजधानी लखनऊ में अवैध निर्माण और बिना नक्शा पास कराए कॉलोनी काटने वाले भू-माफियाओं के खिलाफ लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने मंगलवार को ‘रणचंडी’ रूप अख्तियार कर लिया। चिनहट से लेकर काकोरी तक चले इस महा-अभियान में करीब 155 बीघा जमीन पर विकसित की जा रही 15 अवैध प्लाटिंग को बुलडोजर से जमींदोज कर दिया गया। एलडीए की इस ताबड़तोड़ कार्रवाई से अवैध धंधा करने वालों में हड़कंप मच गया है। शहर के बाहरी इलाकों में सस्ते प्लॉट का लालच देकर भोली-भाली जनता को ठगने वाले सिंडिकेट पर प्रशासन ने कड़ा प्रहार किया है।
सबसे बड़ी कार्रवाई चिनहट के जुग्गौर इलाके में देखने को मिली, जहां ‘उर्मिला सिटी’ और ‘विंध्यवासिनी कॉलोनी’ जैसी करीब 45 बीघा में फैली अवैध बसावटों को मलबे में तब्दील कर दिया गया। इतना ही नहीं, इलाके के रसूखदार बिल्डरों प्रदीप पाठक, सुनील यादव, शिव शक्ति यादव और मधुरेश श्रीवास्तव की लगभग 35 बीघा में चल रही चार अलग-अलग प्लाटिंग पर भी एलडीए का पंजा गरजा। अधिकारियों का साफ कहना है कि जो भी निर्माण मास्टर प्लान के विरुद्ध होगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा।
काकोरी में 9 कॉलोनियों पर चला हथौड़ा, गोमती नगर में ‘आमंत्रण मैरिज लॉन’ पर जड़ा ताला
बुलडोजर का यह काफिला यहीं नहीं रुका। काकोरी के बरागांव क्षेत्र में एलडीए की टीम ने जबरदस्त घेराबंदी की। यहां अवधेश कुमार, देवऋषि, अमित राजपूत और मोहम्मद जब्बार जैसे करीब आधा दर्जन से अधिक लोगों द्वारा लगभग 75 बीघा जमीन पर अवैध रूप से काटी जा रही 9 कॉलोनियों के गेट, बाउंड्रीवॉल और ऑफिसों को ध्वस्त कर दिया गया। मौके पर मौजूद प्रवर्तन दस्ते ने स्पष्ट किया कि इन संपत्तियों का कोई ले-आउट पास नहीं था और इन्हें अवैध तरीके से बेचा जा रहा था।
वहीं, वीआईपी इलाके गोमती नगर विस्तार में भी कार्रवाई की तपिश महसूस की गई। खरगापुर इलाके में बिना अनुमति के धड़ल्ले से बन रहे ‘आमंत्रण मैरिज लॉन’ को एलडीए ने भारी पुलिस बल की मौजूदगी में सील कर दिया। इसके अलावा, छोटा भरवारा में करीब 300 वर्गमीटर में बन रहे एक व्यावसायिक भवन के निर्माण कार्य को भी बीच में ही रोककर उस पर सरकारी ताला जड़ दिया गया। एलडीए उपाध्यक्ष के निर्देश पर हुई इस कार्रवाई ने साफ संकेत दे दिए हैं कि राजधानी की प्लानिंग से खिलवाड़ करने वालों की अब खैर नहीं है।


